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नाम बदलने से सिर्फ सांप्रदायिक तनाव पैदा होगा : भाकपा कहा भाजपा चुनाव में लाभ लेने के लिए यह सब कर रही है

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 07:06 PM IST
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अलीगढ़। जिले का नाम बदलकर हरिगढ़ करने के प्रस्ताव पर विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों ने व्यापक प्रतिक्रिया की है।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कॉमरेड इकबाल मंद ने कहा है कि योगी सरकार का आगरा और अलीगढ़ का नाम बदलने की बातें कहना सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रहा है। चुनाव में लाभ लेने के लिए यह लोग ऐसा कर रहे हैं। कॉमरेड इकबाल मंद ने कहा कि अलीगढ़ नाम की उत्पत्ति अस्पष्ट है। कुछ प्राचीन ग्रंथों में कोईल को एक जनजाति, जाति, किसी स्थानीय पर्वत का नाम, किसी ऋषि या रक्षस का नाम माना जाता है। कुछ ग्रंथों के अनुसार 372 ईस्वी में अलीगढ़ नाम कोल डोर जनजाति के राजपूतों द्वारा दिया गया।
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कॉमरेड दावा करते हैं कि 1753 में जाट शासक सूरजमल और मुस्लिम सेना में जब कॉल के किले पर कब्जा कर लिया तब इसका नाम रामगढ़ कर दिया गया जब किया कमांडर मजाक खान ने कॉल पर कब्जा कर लिया तो उन्होंने इसे अलीगढ़ का नाम दिया
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उन्होंने कहा कि इतिहास को बदलने की कोशिश की गई तो सिर्फ और सिर्फ सांप्रदायिक तनाव पैदा होगा और भाजपा यही चाहती है। आजाद समाज पार्टी के नेता हमजा सुफियान ने अलीगढ़ का नाम बदले जाने के प्रस्ताव पर कहा है कि क्या नाम बदलने से इस मुल्क के हालात बदल जाएंगे? क्या इससे किसी की जिंदगी पर कोई फर्क पड़ेगा? क्या इससे बढ़ती महंगाई कम हो जाएगी? क्या इसी नौजवानों को रोजगार मिल जाएगा? क्या गिरती हुई अर्थ व्यवस्था सही होजाएगी?
जो असल काम है सरकार का जनता की सेवा करने का वह तो इन्होंने किया नहीं।  उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जनता को ऑक्सीजन नहीं दे पाए। अस्पताल में लोगों को बेड नहीं दे पाए। शमशान में लकड़ी तक नहीं दे पाए। लाशें नदियों में खुले आम बह रही थीं। 
स्वस्थ पर, शिक्षा पर, रोज़गार पर, किसान की कर्ज माफी पर, दलित और मुसलमान पर जो लगातार अत्याचार हो रहा है उसपर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। 2019 में राजा महेन्द्र प्रताप के नाम पर विश्विद्यालय खोलने की घोषणा हुई थी वो भी सिर्फ आज तक कागज़ों तक ही रह गई है। जो वादे करके यह सरकार सत्ता में आई, उस पर आज तक किसी तरह का कोई काम नही हुआ है।  अगर नाम बदलने से ही सारे मसले हल होजाते हैं तो ये लोग इस मुल्क का नाम बदल के विकास क्यों नहीं कर देते? 
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