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खुले आसमान के नीचे दान के पैसे पर जी रहे 511 गोवंश

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 06:44 PM IST
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव
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आशीष श्रीवास्तव अलीगढ़। योगी सरकार के राज में आकाशवाणी केंद्र की जमीन पर 511 गोवंश खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। इनके सिर पर न छत है और न ही भूसा व चारे के लिये स्थाई इंतजाम। दान के पैसेे से चल रही इस अस्थाई गोशाला में भरण पोषण मद की स्थिति इस कदर गंभीर है कि करीब एक साल तक गोशाला को इस मद में शासन की तरफ से एक धेला तक नहीं मिला। फरवरी माह में तीन महीने के भरणपोषण का पैसा मिला तो अब तीन माह से बजट का इंतजार हो रहा है। वर्ष 2019 में योगी सरकार ने आवारा गोवंश को सहारा देने के लिये गोशालाओं की स्थापना के आदेश दिये थे। इस दौरान जिले के आकाशवाणी केंद्र की बेकार पड़ी भूमि पर रहने वाली गायों को एक जगह एकत्र कर उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी कुछ प्राइवेट लोगों को दे दी गई थी। उस समय नगर निगम ने इनके भरण पोषण के लिये दो माह का अग्रिम बजट जारी किया था। इसके बाद इस गोशाला को नगर निगम की सीमा से बाहर बताकर पल्ला झाड़ लिया। अक्तूबर 2019 में दी गई यह धनराशि संचालकों ने मार्च 2020 तक चलाई। बाकी का इंतजाम दान के पैसे से किया। तब से एक साल तक गोशाला को सरकारी सहायता के रूप में भरण पोषण मद में एक धेला तक  नहीं मिला। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डा.चंद्रवीर सिंह ने बताया कि हाल ही में फरवरी माह में गोशाला को तीन माह के भरण पोषण का बजट दिया गया था। इस माह का बजट शासन से मिल गया है। इसे जल्द ही गोशाला को दे दिया जाएगा। इससे पहले यह गोशाला जिला अनुश्रवण समिति से एप्रूव्ड न होने की वजह से बजट नहीं दिया जा सका था। --------- पशुपालन विभाग ने भेजा स्थाई निर्माण का प्रस्ताव अलीगढ़। लंबे समय से निजी लोगों की पनाह में चल रही आकाशवाणी गोशाला का स्थाई निर्माण कराने के लिये पशुपालन विभाग ने शासन के पास प्रस्ताव भेजा है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गोशाला के लिये एसडीएम से 2.50 एकड़ जमीन भी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक आकाशवाणी की भूमि में संचालित होने के चलते यहां शेड आदि का इंतजाम नियमानुसार नहीं कराया जा सकता था। इसी वजह से भरण पोषण मद में भी गोशाला के लिये पैसा नहीं दिया जा सका। अनुश्रवण समिति से एप्रूवल मिलने के बाद से इस गोशाला में रह रहे गोवंश के लिये धनराशि देनी शुरू कर दी गई है।
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