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पीएम सीएम का पुतला फूंकने के मामले में गिरफ्तार किए सपा नेता रिहा कलेक्ट्रेट में जमानत की प्रक्रिया पूरी हुई, 20- 20 हजार की जमानत पर छूटे
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अलीगढ़। पंचायत चुनाव में धांधली के विरोध में बृहस्पतिवार को तहसील कोल पर धरना प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के मामले में गिरफ्तार किए गए समाजवादी पार्टी के 7 नेताओं कि शुक्रवार को जमानत हुई।
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जिसके बाद शुक्रवार देर शाम उनको रिहा कर दिया गया।
निवर्तमान ब्लाक प्रमुख तेजवीर सिंह सहित 7 नेताओं को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनको 20-20 हजार रुपए की जमानत पर रिहा किया गया है।
जमानत की प्रक्रिया के लिए शुक्रवार सुबह से ही जिलाध्यक्ष गिरीश यादव जिला, महासचिव मुकेश माहेश्वरी, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, महासचिव मनोज यादव, जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडे, जिला उपाध्यक्ष कृपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष अहमद सईद सिद्दीकी, जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र यादव, समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद सालिम, पूर्व जिला महासचिव कुमार बहादुर बघेल आदि प्रयास कर रहे थे।
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पुलिस ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के आरोप में निवर्तमान ब्लाक प्रमुख तेजवीर सिंह, अमरपाल सिंह, ठाकुर आदित्य जुनूनी, हृदयेश यादव, ललित सिंह, अरविंद यादव, जेसीबी चालक सलमान को हिरासत में लिया था बाद में इन को गिरफ्तार कर थाना गवाना ले जाया गया बाद में इनको जेल भेज दिया गया था। शाम को जब सपा नेताओं को जेल से रिहा किया गया, तब उस समय जिला अध्यक्ष गिरीश यादव सहित अन्य वरिष्ठ नेता कारागार के बाहर मौजूद थे।
प्रदेश की मौजूदा सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है। शांति भंग में समाजवादी पार्टी के नेताओं को जेल भेजा गया। इस प्रावधान में उनकी जमानत कल ही हो जानी चाहिए थी। लेकिन उत्पीड़न के मकसद से उनकी जमानत की प्रक्रिया में विलंब किया गया। जिसके चलते वह 1 दिन बाद रिहा हुए। यह जानबूझकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न है
-अब्दुल हमीद घोसी, महानगर अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
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