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पश्चिम ने सभ्यताओं के टकराव की खतरनाक अवधारणा दी : मौलाना हैदर एएमयू में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 07:28 PM IST
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अलीगढ़। मौलाना सैयद सिबतैन हैदर, सज्जादा नशीन मारहरा शरीफ ने कहा है कि पश्चिम ने दुनिया को सभ्यताओं के टकराव की खतरनाक अवधारणा दी है।
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पूरब के धर्मों और सभ्यताओं के बीच प्रेम और सहयोग का संदेश उचित तरीके से दिया जाना चाहिए। हिन्दू और मुसलमानों को मिलकर इस मिशन को अपनाना चाहिए। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र संकाय में आयोजित  दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में बिहार और उड़ीसा के शरिया अमीरात के नाजिम मौलाना सना-उल-हुदा कासमी, प्रोफेसर इक्तादार मोहम्मद खान, सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा. मुफ्ती जाहिद अली खान, डा. यासिर अराफात, जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा, नई दिल्ली में ब्रिटिश दूतावास के पूर्व अधिकारी असद मिर्जा, मौलाना उमर आबिदीन, एएमयू ओल्ड बॉयज लखनऊ के सचिव आतिफ हनीफ, संयुक्त राज्य अमेरिका में बसे प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान मौलाना नदीम अल-वाजिदी, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. अब्दुल हक, धर्मशास्त्र संकाय के डीन प्रोफेसर एम सऊद आलम कासमी, कार्यक्रम के संयोजक डा. नदीम अशरफ, डा. सफदर जुबैर नदवी, सचिव, इस्लामिक फिकाह अकादमी, नई दिल्ली ने भी संबोधित किया।
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