{"_id":"5f8ebe3b8ebc3e9b9c28e796","slug":"aligarh1603190331","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस कांड में मेडिकल कॉलेज में सीबीआई टीम की पूछताछ के चंद घंटों बाद दो डॉक्टरों को पद से हटाया\n\n फोन पर कुलपति का निर्देश मिलने के बाद कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज ने नोटिस जारी कर की कार्रवाई","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
हाथरस कांड में मेडिकल कॉलेज में सीबीआई टीम की पूछताछ के चंद घंटों बाद दो डॉक्टरों को पद से हटाया फोन पर कुलपति का निर्देश मिलने के बाद कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज ने नोटिस जारी कर की कार्रवाई
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अलीगढ़। हाथरस कांड में सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में पूछताछ के लिए आई सीबीआई की टीम के जाने के 24 घंटे के भीतर ही मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात दो डॉक्टरों को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्यवाही को लेकर डॉक्टरों ने रोष जताया है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है। हटाए गए डॉक्टरों ने पत्र लिखकर विश्वविद्यालय के कुलपति से फैसले पर पुनर्विचार के लिए गुहार की है।
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हाथरस की घटना को लेकर सोमवार को सीबीआई की एक टीम जेएन मेडिकल कॉलेज में आई थी। टीम ने 8 घंटे तक यहां पर आठ डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के लोगों से पूछताछ की थी। मंगलवार को दोपहर में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. एसएएच जैदी की तरफ से नोटिस जारी कर मेडिकल ऑफिसर के पद पर रहे दो डॉक्टरों डॉ. उबैद इम्तियाज उल हक और डॉ. मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक को पद से हटा दिया गया।
जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि संबंधित दोनों डॉक्टर किसी भी प्रकार की अपनी ड्यूटी को आगे परफॉर्म न करें । दूसरी ओर पद से हटाए गए डॉक्टरों ने इसको लेकर रोष जताया है।
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कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. नरेश शर्मा की लीव वैकेंसी के सापेक्ष डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी । 20 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे कुलपति के फोन पर निर्देश मिले थे, जिसके बाद दोनों डॉक्टरों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया और निर्देश दिए गए कि वह आगे अपनी ड्यूटी को परफॉर्म न करें।
-डॉ. एसएएच जैदी, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेंटर, जेएन मेडिकल कॉलेज
महामारी के दौरान हमने सेवाएं दी यह भी नहीं सोचाः डॉ. मलिक
हटाए गए डॉक्टर मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक ने कहा है कि हमने महामारी के दौरान अपनी सेवाएं दी। इसके बाद भी हमारे संबंध में सहानुभूति से विचार नहीं किया गया। हम यहां पर ढाई तीन महीने से काम कर रहे थे। इस बीच हाथरस की घटना भी हुई। कुछ लोगों ने इस घटना को लेकर हमसे ओपिनियन भी मांगा। हमें एक नोटिस दिया गया है, जिस के संबंध में कहा गया है कि कुलपति का फोन आया था। जिसके बाद यह नोटिस जारी किया गया है। हमने भी पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार के लिए कहा है।
दूसरी जगह नौकरी छोड़ दी, फिर भी टर्मिनेट कर दियाः डॉ. उबैद
हटाए गए दूसरे डॉक्टर उबैद इम्तियाज उल हक ने कहा है कि यहां पर काम करने के लिए हमने कई अन्य जगह की नौकरी छोड़ दी। इसके बाद भी हमें टर्मिनेट कर दिया गया है। हमको सीएमओ इंचार्ज की ओर से नोटिस दिया गया है। जबकि हमने अतिरिक्त रूप से अपनी सेवाएं यहां पर दी थीं।
हटाए गए डॉक्टरों से सीबीआई ने नहीं की थी पूछताछ
अलीगढ़। जेएन मेडिकल कॉलेज के पद से हटाए गए डॉ. उबैद इम्तियाज उल हक ने कहा कि सोमवार को जब सीबीआई की टीम मेडिकल कॉलेज आई थी तो उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। सीबीआई ने जो भी पूछताछ की वह विभागों के प्रभारी डॉक्टरों से की। उन्होंने कहा कि हमें पद से क्यों हटाया गया है, इसका कारण भी नहीं बताया गया है। हम कारण जानना चाहते हैं। इसके संबंध में हमने कुलपति को पत्र लिखकर अवगत कराया है।
आरडीए ने जताई नाराजगी, विरोध करेंगे
अलीगढ़। आरडीए के अध्यक्ष डॉक्टर हमजा मलिक कहते हैं कि यह एकतरफा कार्रवाई है। डॉक्टरों को उनका कसूर भी नहीं बताया गया है। इसके अलावा डॉक्टरों से उनका पक्ष भी नहीं सुना गया है। हम इसके विरोध में जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाएंगे। इसमें जो भी सर्वसम्मति से फैसला होगा, उसके अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हटाए गए दोनों डॉक्टरों ने जेएन मेडिकल कॉलेज से ही पीजी किया
अलीगढ़। जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल ऑफिसर के पद से हटाए गए दोनों डॉक्टर एमबीबीएस के बाद पीजी पूरा कर चुके थे। इसके बाद दोनों की नियुक्ति यहीं पर हुई। डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने महामारी के चलते घरवालों के ऐतराज के बाद भी मानवता के हित में यहां मेडिकल कॉलेज में नौकरी पर जॉइनिंग की। लेकिन उन्हें बिना कोई कारण बताए और बिना जवाब दाखिल करने का समय दिए, अचानक नौकरी से हटा दिया गया है। यह बेहद कष्टकारी है और पूरा परिवार मानसिक रूप से असहज हो गया है।
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