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श्रद्धांजलि रथयात्रा आज, टकराव के हालात
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा
Updated Mon, 07 Mar 2016 02:15 AM IST
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अरुण माहौर हत्याकांड
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पुलिस प्रशासन से अनुमति न मिलने के बावजूद युवा कोरी समाज संगठन ने सोमवार को विहिप नेता अरुण माहौर की श्रद्धांजलि रथयात्रा निकालने की तैयारी की है। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने किसी भी सूरत में रथयात्रा को न निकलने देने के लिए तमाम इंतजाम किए हैं। ऐसे में टकराव की आशंका बन गई है। पुलिस की तैयारी रथयात्रा शुरू होते ही आयोजकों को गिरफ्तार कर लेने की है।
एसएसपी ने सभी सीओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह का हंगामा होने पर बेहद सख्ती से निपटा जाए। साथ ही खुफिया पुलिस को सक्रिय कर दिया गया है। सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम किए गए हैं। उधर, कोरी समाज संगठन ने रथयात्रा के लिए देर रात तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
माहौर के समाज के नेताओं की रविवार को कई बार गुप्त बैठकें हुईं। इनमें रथयात्रा निकाले जाने या न निकाले जाने पर मंथन होता रहा। देर शाम तक चली बैठक में रथयात्रा निकाले जाने पर सहमति बनी। श्रद्धांजलि रथयात्रा के संयोजक विजय माहौर ने बताया कि यह रथयात्रा सोमवार को सुबह 11 बजे से चित्रा टाकीज से बोदला चौराहा तक निकाली जाएगी। अनुमान है, विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाली इस रथयात्रा में माहौर समाज के लोग भारी संख्या में शामिल होंगे।
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यात्रा बाग मुजफ्फर खां, सेंट जोंस चौराहा, लोहामंडी चौराहा, नौबस्ता, जगदीशपुरा होते हुए बोदला चौराहा पर पहुंचेगी। कार्यक्रम से जुड़े कैलाश माहौर ने बताया कि सात घोड़ों वाले रथ पर लगाने के लिए अरुण माहौर का विशाल पोस्टर लगाया गया है। इस पर हिंदुत्व और गोरक्षा के नारे लिखे पोस्टर भी होंगे। यात्रा को सफल बनाने और इसमें ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए माहौर बस्तियों में रात के समय जनसंपर्क किया गया। बता दें कि 25 फरवरी को विहिप नेता अरुण माहौर की मंटोला क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से भाजपा और हिंदूवादी संगठन लगातार इसके विरोध में कोई न कोई कार्यक्रम कर रहे हैं।
रथयात्रा की अनुमति नहीं
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि रथयात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। अगर कोई कानून हाथ में लेकर इसे निकालने की कोशिश करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
खुफिया पुलिस की लगी नजर
खुफिया पुलिस के अधिकारियों ने माहौर समाज के नेताओं से रथयात्रा न निकालने के लिए कहा। यह भी बताया कि ऐसा करने पर पुलिस सख्ती करेगी। लेकिन देर रात तक उनके प्रयास सफल नहीं हो पाए।
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एसएसपी ने सभी सीओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह का हंगामा होने पर बेहद सख्ती से निपटा जाए। साथ ही खुफिया पुलिस को सक्रिय कर दिया गया है। सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम किए गए हैं। उधर, कोरी समाज संगठन ने रथयात्रा के लिए देर रात तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
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माहौर के समाज के नेताओं की रविवार को कई बार गुप्त बैठकें हुईं। इनमें रथयात्रा निकाले जाने या न निकाले जाने पर मंथन होता रहा। देर शाम तक चली बैठक में रथयात्रा निकाले जाने पर सहमति बनी। श्रद्धांजलि रथयात्रा के संयोजक विजय माहौर ने बताया कि यह रथयात्रा सोमवार को सुबह 11 बजे से चित्रा टाकीज से बोदला चौराहा तक निकाली जाएगी। अनुमान है, विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाली इस रथयात्रा में माहौर समाज के लोग भारी संख्या में शामिल होंगे।
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यात्रा बाग मुजफ्फर खां, सेंट जोंस चौराहा, लोहामंडी चौराहा, नौबस्ता, जगदीशपुरा होते हुए बोदला चौराहा पर पहुंचेगी। कार्यक्रम से जुड़े कैलाश माहौर ने बताया कि सात घोड़ों वाले रथ पर लगाने के लिए अरुण माहौर का विशाल पोस्टर लगाया गया है। इस पर हिंदुत्व और गोरक्षा के नारे लिखे पोस्टर भी होंगे। यात्रा को सफल बनाने और इसमें ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए माहौर बस्तियों में रात के समय जनसंपर्क किया गया। बता दें कि 25 फरवरी को विहिप नेता अरुण माहौर की मंटोला क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से भाजपा और हिंदूवादी संगठन लगातार इसके विरोध में कोई न कोई कार्यक्रम कर रहे हैं।
रथयात्रा की अनुमति नहीं
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि रथयात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। अगर कोई कानून हाथ में लेकर इसे निकालने की कोशिश करता है तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
खुफिया पुलिस की लगी नजर
खुफिया पुलिस के अधिकारियों ने माहौर समाज के नेताओं से रथयात्रा न निकालने के लिए कहा। यह भी बताया कि ऐसा करने पर पुलिस सख्ती करेगी। लेकिन देर रात तक उनके प्रयास सफल नहीं हो पाए।