Agra News: जिले में 48 हजार मीट्रिक टन का था लक्ष्य, सिर्फ 400 कुंतल गेहूं की ही हुई खरीद
इस बार आगरा जिले में गेहूं की खरीद का बुरा हाल रहा। सिर्फ 400 कुंतल गेहूं की ही खरीद हो सकी। 10 केंद्रों पर तो बोहनी भी नहीं हुई।
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आगरा जिले में इस साल गेहूं खरीद औंधे मुंह गिर पड़ी। 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था, लेकिन महज 400 कुंतल गेहूं की ही खरीद हो पाई। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह ने बताया 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी थी। इस साल 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था महज 400 कुंतल की खरीद हुई।
10-12 ऐसे केंद्र भी रहे, जहां गेहूं की खरीद शून्य रही। पिछले साल की बात करें तो लक्ष्य से डेढ़ गुना गेहूं खरीदा था। 2021 में 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला और 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। बीते साल समर्थन मूल्य 1950 रुपये था। तब बाजार में गेहूं की कीमत कम होने के कारण किसानों ने सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचा।
किरावली में 170 कुंतल की हो पाई खरीद
किरावली क्षेत्र में खोले गए 37 खरीद केंद्रों में गेहूं खरीद का बुधवार को अंतिम दिन था। यहां 38500 लक्ष्य के सापेक्ष केवल 170 कुंतल गेहूं की खरीद ही हो पाई। सहकारी समिति कुकथला के सचिव वीरेंद्र विक्रम ने बताया कि इस बार बोहनी तक नहीं हुई।
अरूआ सहकारी समिति के सचिव विनोद यादव, मनिया सहकारी समिति के सचिव हाकिम सिंह और रायभा में भी ऐसे ही हालत होने की जानकारी दी है। अछनेरा ढाई माह के दौरान मात्र 30 कुंतल गेहूं की खरीद हो पाई है। पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजय ने बताया कि 38500 कुंतल खरीद का लक्ष्य था पर 170 कुंतल की ही खरीद हो पाई।
बाह के पांच केंद्रों पर शून्य खरीद दर्ज
पीसीएफ के मढे़पुरा, करनपुरा, अभयपुरा, चमरौआ, लखनपुरा खालसा केंद्रो पर बुधवार को भी किसानों का इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इन केंद्रों में आठ से 10 हजार कुंतल का लक्ष्य था। जरार एफसीआई खरीद केंद्र के प्रभारी उमेश कुमार ने बताया यहां महज 10 कुंतल गेहूं की खरीद हुई।
जैतपुर में 20 कुंतल और सूरज नगर केंद्र में 63 कुंतल गेहूं खरीदा जा सका। बुधवार को जरार मंडी में यमुना, चंबल बेल्ट के किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों से गेहूं बेचने पहुंचे। किसान रामसेवक, सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मंडी में उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है जबकि क्रय केंद्रों का समर्थन मूल्य कम है।
अकोला क्षेत्रीय सहकारी समिति पर नहीं हुई खरीद
क्षेत्रीय सहकारी समिति के सचिव महेश चंद शर्मा ने बताया की एक अप्रैल से 15 जून तक कोई भी किसान केंद्र पर गेहूं खरीदने नहीं आया। किसान यदुवीर सिंह ने बताया कि बाजार का भाव समर्थन मूल्य से अधिक है और भुगतान भी नकद हो जाता है, जबकि समिति में बिक्री के बाद बैंकों के चक्कर लगाकर हफ्तों में भुगतान मिल पाता है।
सीकरी के छह केंद्रों पर महज 33 कुंतल की खरीद
फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए बनाए गए छह सरकारी केंद्र में से पीसीएफ केंद्र रसूलपुर, दूरा केंद्र और जाजोली केंद्र पर 15 जून तक एक भी दाना की खरीद नहीं हुई। डाबर केंद्र पर मात्र 5 कुंतल और मंडी समिति परिसर स्थित केंद्र में 28 कुंतल गेहूं खरीदा गया।
फतेहाबाद मात्र नौ कुंतल की खरीद
फतेहाबाद क्षेत्र में बनाए गए गेहूं खरीद केंद्र में एक अप्रैल से 15 जून तक मात्र नौ कुंतल की खरीद की गई। समर्थन मूल्य 2015 रुपये के मुकाबले बाजार में किसानों को 2200 से 2250 रुपये प्रति कुंतल का भाव मिलने से ऐसा हाल हुआ। खरीद केंद्र प्रभारी सबा साजिद ने बताया कि गेहूं बिक्री के लिए किसानों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि खेतों में आलू की फसल की है और गेहूं अपने उपयोग लायक ही पैदावार की है। एक मात्र किसान ने केंद्र पहुंचकर नौ कुंतल गेहूं बेचा है।