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डॉ. राणा सिंह बने संस्कृति यूनिवर्सिटी के नए कुलपति, यूएई तक जगा चुके हैं शिक्षा की अलख

Mon, 09 Jul 2018 05:32 PM IST
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Advertorial Updated Mon, 09 Jul 2018 05:32 PM IST
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Dr Rana singh became new Vice Chancellor of Sanskriti university
Sanskriti university

संस्कृति यूनिवर्सिटी के नए कुलपति डॉक्टर राणा सिंह ने 27 जून को कार्यभार ग्रहण कर लिया। डॉ. राणा सिंह ने कुलपति डॉ. देवेन्द्र पाठक की जगह ली है। डॉ. राणा सिंह देश के जाने-माने संस्थानों के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात में भी उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के तौर पर मिले कार्यभार के बारे में डॉ. राणा सिंह ने कहा, 'मेरा प्रयास छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा दिलाने के साथ ही संस्कृति यूनिवर्सिटी को ऊंचाई की ओर ले जाना है।'

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डॉ. राणा सिंह वित्त, ई-कॉमर्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता रखते हैं, इसके साथ रणनीति बनाकर इसे जमीन पर उतारने में भी उनका कोई सानी नहीं है। डॉ. राणा सिंह की कार्यशैली औरों से काफी अलग है। वह जिस भी उच्च शैक्षणिक संस्थान में अब तक रहे, वहां उन्होंने अपनी प्रबंधन क्षमता से गहरी छाप छोड़ी। यही वजह है कि उन्होंने सभी शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य बखूबी किया है।
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डॉ. राणा सिंह अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं पर पकड़ रखते हैं। इन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिस्सा लेने के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी काफी योगदान दिया है। डॉ. राणा सिंह एमबीए (फाइनेंस) में गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ ही पीएचडी उपाधि धारक हैं। डॉ. सिंह शैक्षणिक ही नहीं प्रशासनिक अनुभव में भी बेजोड़ हैं।
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डॉ. राणा सिंह संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलपति का दायित्व संभालने से पहले आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ग्रेटर नोएडा) में डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात विश्वविद्यालय में भी निदेशक पद संभाल चुके हैं।

डॉ. राणा सिंह को वित्तीय लेखांकन, अंतर्राष्ट्रीय वित्त, वित्तीय प्रबंधन, व्यापार में डेटा विश्लेषण, प्रबंधन में मात्रात्मक तकनीक, कम्प्यूटर और सूचना प्रणाली, परियोजना योजना और नियंत्रण, अंतर्राष्ट्रीय परियोजना वित्त तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में महारत हासिल है। डॉ. राणा सिंह की वित्त और लेखा, बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स, इंटरनेट मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, इंटरनेट पेमेंट गेट-वे इंटीग्रेशन, ई-कैश, बैंकिंग, इंश्योरेंस, स्कूल स्थापना आदि में भी खासी दिलचस्पी है।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने डॉ. राणा सिंह के संस्कृति यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के तौर पर कार्यभार ग्रहण करने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं। उम्मीद है कि डॉ. सिंह के मार्गदर्शन में संस्कृति यूनिवर्सिटी शिक्षा ही नहीं अन्य क्षेत्रों में भी अलग पहचान बनाएगी। जिस तरह से उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश-विदेश में काबिलियत का परिचय दिया है, कुछ उसी तरह वह अपने प्रयासों से संस्कृति यूनिवर्सिटी को भी ऊंचे स्थान पर ले जाएंगे।


उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि डॉ. राणा सिंह जैसी शख्सियत का सान्निध्य मिलना संस्कृति विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व और गौरव की बात है। वह सिर्फ शिक्षा ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों का सही मार्गदर्शन करेंगे। कार्यकारी निदेशक पीसी छाबड़ा ने कहा कि डॉ. राणा सिंह न केवल प्रबुद्ध हैं बल्कि उनमें अपार ऊर्जा भी भरी हुई है। संस्कृति यूनिवर्सिटी अभी शैशवकाल में है, ऐसे में डॉ. राणा सिंह अपने कुशल मार्गदर्शन से इसे नया मुकाम देंगे, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं है।

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