डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: मुख्य परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव, अब 30 अप्रैल से होंगी शुरू
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम चार दिन टाल दिया गया है। अब मुख्य परीक्षाएं 30 अप्रैल से शुरू होकर 18 जून को संपन्न होंगी। विश्वविद्यालय ने संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और परास्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षाओं का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। नए कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षाएं 30 अप्रैल से कराई जाएंगी और 18 जून तक चलेंगी। विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) की मांग कि मुख्य परीक्षाएं शासनादेश के अनुरूप जून में कराई जाएं, पर विचार नहीं किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम 14 अप्रैल को जारी किया गया था, उसके अनुरूप परीक्षाएं 26 अप्रैल से 14 जून तक होनी थीं। परीक्षा कार्यक्रम पर सवाल खड़े होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राचार्यों के साथ बैठक की। कुछ प्राचार्यों ने परीक्षा टालने व कुछ ने निर्धारित कार्यक्रम पर परीक्षा कराने का सुझाव दिया। परीक्षा तीन के बजाय दो पाली में कराने का भी सुझाव दिया गया था।
चार दिन आगे बढ़ा परीक्षा कार्यक्रम
नए कार्यक्रम में मुख्य परीक्षा शुरू होने की तारीख को महज चार दिन टाला गया है। परीक्षाओं का आयोजन तीन पाली में ही किया जाएगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव के मुताबिक प्रत्येक पाली की परीक्षा दो घंटे की होगी। पहली पाली सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक, दूसरी पाली 11:30 से 01:30 बजे तक और तीसरी पाली की परीक्षा दोपहर 03:00 से शाम 05:00 बजे तक होगी। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर परीक्षा का कार्यक्रम देख सकते हैं।
लिखित परीक्षा में 10 में से चार प्रश्नों के उत्तर देने होंगे
ओएमआर शीट आधारित परीक्षा के प्रश्नपत्र में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें से 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। लिखित परीक्षा वाले प्रश्नपत्रों में कुल 10 प्रश्न पूछे जाएंगे, इनमें से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर पूछे जाएंगे।
विश्वविद्यालय अपनी मनमर्जी कर रहा, शिकायत करेंगे
औटा के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र सिंह चिकारा का कहना है कि मुख्य परीक्षा के आयोजन में विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी मनमर्जी कर रहा है। किसी शिक्षक से परीक्षा के बारे में राय नहीं ली गई, प्राचार्योँ का सुझाव माना नहीं गया। परीक्षा समिति में निर्णय लिया जाना चाहिए था, उसमें प्रकरण रखा नहीं गया। नियम विरुद्ध तरीके से मुख्य परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा की अवधि में बीए, बीएससी व बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर की कक्षाएं नहीं लग पाएंगी। मामले की शिकायत कुलाधिपति, उच्च शिक्षामंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों से की जाएगी।