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Agra: बाजरा, तिल, उड़द पर बारिश ने दली ‘मूंग’, करीब 60 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद होने की आशंका

Sun, 09 Oct 2022 06:57 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 09 Oct 2022 06:57 AM IST
सार

तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से बाजरा, धान और सब्जी समेत अन्य फसलें बर्बाद होने की कगार हैं। खेतों में पानी भर गया है। कटी पड़ी फसल डूब गई है। बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। 

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About 60 thousand hectares of crops may be destroyed due to rain in agra
पानी में डूबी बाजरा की कटी फसल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों के जख्म हरे कर दिए हैं। बाजरा, तिल व उड़द की फसल पर दो दिन से बारिश ‘मूंग’ दल रही है। कृषि विभाग को उत्पादन घटने की आशंका है। करीब 70 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 5000 हेक्टेयर में तिल, उड़द व मूंग और 20 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की फसल बर्बाद होने का अनुमान है।
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जिले में 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलें बोई गई थीं। इनमें एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बाजरा का है। 20 फीसदी बाजरे की कटाई हो चुकी है। बारिश से खेतों में पड़ी बाजरे की कटी फसल सड़ने की आशंका है। करीब 60 से 70 हजार हेक्टेयर फसल पर संकट है। 
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धान की फसल पर भी पड़ेगा असर 

करीब 5000 हेक्टेयर धान की फसल भी प्रभावित हो सकती है। 5000 हेक्टेयर में उड़द, मूंग व तिल है। इधर, बरौली अहीर, खंदौली, अछनेरा सहित 10 ब्लॉक में सब्जियों की फसल को काफी नुकसान है। 

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राज्य किसान सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य वीरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि उड़द व मूंग में फफूंदी, तिल के काले पड़ने की आशंका है। बाजरा की बालियां भीगने से सबसे ज्यादा नुकसान है। गोभी, बंदगोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन, तोरई, लौकी, करेला की फसल सड़ सकती है।

आलू और सरसों की बुवाई रुकी

15 सितंबर से जिले में सरसों की बुवाई शुरू हो जाती है। करीब 70 हजार हेक्टेयर में सरसों होती है। 15 अक्तूबर से आलू की बुवाई शुरू होती है। 80 हजार हेक्टेयर आलू का रकबा है। बारिश का पानी खेतों में भरने से बुवाई रुक गई है।

कटाई में पता चलेगा नुकसान

उप निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि बाजरा, तिलहन व दलहन फसलों में नुकसान हुआ है। कितना नुकसान हुआ है, कटाई पर पता चलेगा। कटाई इसी सप्ताह शुरू होगी।

दिवाली बाद होगी बुवाई

कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के प्रभारी डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि सरसों व आलू की बुवाई एक महीने पिछड़ गई है। खेतों में पानी भरा है। बाजरा, तिलहन व दलहन फसलों में अधिक नुकसान हुआ है।

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