SIM Swap Fraud: एक गलती और सिम कार्ड से हाथ धो बैठेंगे, जानें सिम स्वैप फ्रॉड से बचने का तरीका
जब आप नया फोन या नया सिम कार्ड लेते हैं और पुराना मोबाइल नंबर उसमें ट्रांसफर कराना चाहते हैं, तो मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करते हैं। इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग साइबर अपराधी करते हैं।

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आज के दौर में हमारा मोबाइल नंबर हमारी पहचान का अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन यही नंबर अब धोखाधड़ी का एक माध्यम भी बनता जा रहा है। हाल ही में ब्रिटेन की प्रमुख कंपनी M&S (Marks & Spencer) पर हुए एक बड़े साइबर हमले में SIM स्वैप फ्रॉड की आशंका जताई जा रही है। अप्रैल में हुए इस हमले के कारण कंपनी को ऑनलाइन ऑर्डर बंद करने पड़े और स्टोर्स में भी कामकाज बाधित हुआ। कंपनी को इस हमले से करीब 300 मिलियन पाउंड का नुकसान हो सकता है।
जब आप नया फोन या नया सिम कार्ड लेते हैं और पुराना मोबाइल नंबर उसमें ट्रांसफर कराना चाहते हैं, तो मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करते हैं। इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हैं साइबर अपराधी। वे आपके बारे में इतनी जानकारी इकट्ठा कर लेते हैं जैसे मां का नाम, पहला पालतू जानवर, स्कूल का नाम आदि कि वे खुद को आप बताकर आपका नंबर अपने सिम कार्ड पर ट्रांसफर करवा लेते हैं।
अगर अपराधी आपके नंबर को कंट्रोल कर लेते हैं, तो वे आपके नाम से कॉल और SMS कर सकते हैं, आपके बैंक, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट्स में लॉगिन कर सकते हैं, क्योंकि आपने इन अकाउंट्स में दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) के लिए OTP को मोबाइल नंबर से जोड़ा होता है, और अब वो नंबर अपराधी के पास है। इस तरह वे आपके सभी डिजिटल जीवन तक पहुंच बना सकते हैं।
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