WhatsApp: क्या अब व्हाट्सएप चलाने के लिए बतानी होगी उम्र? कंपनी ने भारत में शुरू की नए फीचर की टेस्टिंग

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Fri, 07 Aug 2026 02:08 PM IST
सार

WhatsApp Age Verification:

व्हाट्सएप भारत में एक नए एज वेरिफिकेशन फीचर की टेस्टिंग कर रहा है। इस फीचर के तहत कुछ यूजर्स से डेट ऑफ बर्थ की जानकारी मांगी जा रही है। कंपनी का कहना है कि यह कदम आगामी डीपीडीपी एक्ट के नियमों का पालन करने की तैयारी का हिस्सा है।

whatsapp age verification feature india dpdp act date of birth testing hindi
व्हाट्सएप के नए फीचर की टेस्टिंग हुई शुरू - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    अगर आप भारत में व्हाट्सएप (WhatsApp) का इस्तेमाल करते हैं, तो जल्द ही एप आपसे आपकी जन्मतिथि पूछ सकता है। मेटा (Meta) के स्वामित्व वाला यह लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप भारत में एक नए एज-वेरिफिकेशन फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। यह कदम देश में जल्द ही लागू होने वाले डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन की दिशा में उठाया गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ स्क्रीनशॉट सामने आए हैं, जिनमें व्हाट्सएप अपने यूजर्स को अपनी जन्म तिथि जोड़ने का नोटिफिकेशन भेज रहा है। इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि भारत में आने वाले नए कानूनों के तहत प्लेटफॉर्म को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करनी होगी।कंपनी ने क्या कहा?रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि यह फीचर फिलहाल सीमित यूजर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, डीपीडीपी एक्ट जैसे आगामी भारतीय कानूनों का पालन करने के लिए ऐसे विकल्प विकसित किए जा रहे हैं, जिनसे यूजर्स की गोपनीयता भी सुरक्षित रहे और उनकी उम्र की पुष्टि भी हो सके। व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया कि टेस्टिंग के दौरान यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक है। यानी फिलहाल जन्मतिथि दर्ज किए बिना भी यूजर्स पहले की तरह एप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    क्या आपकी जन्मतिथि दूसरे यूजर्स को दिखेगी?

    कंपनी का कहना है कि किसी व्यक्ति की उम्र निजी जानकारी होती है और इसे दूसरे व्हाट्सएप यूजर्स के साथ साझा नहीं किया जाएगा। साथ ही, इस फीचर से व्हाट्सएप के इस्तेमाल के तरीके या यूजर एक्सपीरियंस में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

    DPDP एक्ट से क्या है संबंध?

    भारत सरकार जल्द डीपीडीपी एक्ट के उन प्रावधानों को लागू करने की तैयारी में है, जिनके तहत बच्चों का व्यक्तिगत डेटा प्रोसेस करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर की उम्र 18 साल से कम है या नहीं। इसी वजह से सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए एज वेरिफिकेशन की व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा है।

    मेटा पर बढ़ी सरकार की निगरानी

    यह टेस्ट ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब भारत में मेटा की सेवाएं पहले से ही नियामकीय जांच के दायरे में हैं। हाल ही में मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पेपर लीक से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने पर माफी मांगी थी। हाल ही में मेटा की ग्लोबल टीम इस मामले पर बात करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तलब किया था। मामले को बढ़ता देख मेटा के को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने खुद सामने आकर भारत सरकार से माफी मांगी।

    इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने व्हाट्सएप से उसके यूजरनेम फीचर की लॉन्चिंग फिलहाल टालने को कहा है। सरकार का मानना है कि मोबाइल नंबर साझा किए बिना कनेक्ट होने वाला यह फीचर फर्जी पहचान और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को बढ़ा सकता है। अब देखना होगा कि डीपीडीपी एक्ट लागू होने के बाद व्हाट्सएप का यह एज वेरिफिकेशन फीचर सभी भारतीय यूजर्स के लिए कब तक उपलब्ध कराया जाता है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें