एलन मस्क का सबसे बड़ा दांव: चांद पर SpaceX बनाएगी फैक्ट्री, मजदूर से लेकर इंजीनियर तक होंगे रोबोट!
एनवीडिया ने अंतरिक्ष को लेकर एक और महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है। SpaceX अब चंद्रमा पर इंसानों की जगह ह्यूमनॉइड रोबोट्स से फैक्ट्रियां और औद्योगिक ढांचा तैयार कराना चाहता है। कंपनी ने इसके साथ स्पेस में एआई डेटा सेंटर बनाने के लिए एनवीडीया के साथ नई साझेदारी भी की है।

विस्तार
दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क एक बार फिर अपने भविष्यवादी विजन को लेकर चर्चा में हैं। स्पेस में एआई डेटा सेंटर बनाने की योजना सामने रखने के बाद अब उन्होंने चंद्रमा पर फैक्ट्रियां बसाने का खाका पेश किया है। SpaceX की ताजा अर्निंग्स कॉल में मस्क ने कहा कि भविष्य में कंपनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स की मदद से चांद पर फैक्ट्रियां और औद्योगिक ढांचा तैयार करना चाहती है।चांद पर फैक्ट्री क्यों बनाना चाहते हैं एलन मस्क?
- मस्क का मानना है कि अगर यह योजना सफल होती है, तो पृथ्वी की मौजूदा अर्थव्यवस्था की तुलना में 1,000 गुना बड़ी स्पेस इकोनॉमी विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह विचार साइंस फिक्शन जैसा लगता है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसे हकीकत में बदला जा सकता है।
- SpaceX के मुताबिक, चंद्रमा पर फैक्ट्री बनाने के पीछे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वहां इंसानी श्रमिकों की जरूरत बेहद कम होगी। रोबोट कंस्ट्रक्शन के काम, मशीनों की देखभाल और संसाधनों की प्रोसेसिंग जैसे काम खुद कर सकेंगे। इसके अलावा अंतरिक्ष में फैक्ट्रियों को ठंडा रखने के लिए पृथ्वी की तुलना में कम संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, जिससे संचालन अधिक किफायती हो सकता है।
रोबोट बनाएंगे 'मास एक्सेलरेटर'
- मस्क ने यह भी बताया कि भविष्य में ये रोबोट मास एक्सेलरेटर नाम की एक विशेष प्रणाली तैयार करने में मदद कर सकते हैं। यह ऐसी तकनीक होगी, जिसके जरिए चंद्रमा से कार्गो को बिना रॉकेट के अंतरिक्ष में भेजा जा सकेगा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल यह विचार काफी असामान्य लगता है।
- फिलहाल SpaceX ने इस प्रोजेक्ट की समयसीमा या निवेश का खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि इस मिशन के लिए टेस्ला के मौजूदा ऑप्टिमस रोबोट्स का इस्तेमाल किया जाएगा या भविष्य में नए रोबोट विकसित किए जाएंगे।
स्पेस में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए Nvidia से साझेदारी
इसी बीच स्पेसएक्स ने एनवीडिया के साथ एक नई साझेदारी का भी ऐलान किया है। दोनों कंपनियां मिलकर Starmind AI-1 नाम का एक ऑर्बिटल डेटा सेंटर विकसित करेंगी। इस प्रोजेक्ट में एनवीडिया के नए Rubin GPU और Vera CPU का इस्तेमाल होगा, जिससे सैटेलाइट की कंप्यूटिंग क्षमता 250 किलोवाट तक पहुंच जाएगी। मस्क के अनुसार, 'स्टारमाइंड' सैटेलाइट्स की लॉन्चिंग अगले साल शुरू हो सकती है और SpaceX का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह एनवीडिया के हार्डवेयर पर आधारित होगा।
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