टीआईई की रिपोर्ट में खुलासा- जब दुनिया कोरोना से संघर्ष कर रही थी, तब दिल्ली में खुल रहे थे नए स्टार्टअप्स

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कोरोना ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन जिस समय भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना से संघर्ष कर रही थी, ठीक उसी समय दिल्ली में नए-नए स्टार्टअप स्थापित किए जा रहे थे। दिल्ली-एनसीआर एरिया में जनवरी से जून 2020 के बीच 109 स्टार्टअप्स स्थापित किए गए। दिल्ली-एनसीआर में ऐसे स्टार्टअप्स की कुल संख्या 7000 के पार पहुंच चुकी है। ये स्टार्टअप कोरोना काल में भी न केवल लोगों को रोजगार देने में महत्पूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान दे रहे हैं।
इंड-यूएस एंटरप्रिन्योर (टीआईई) की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर देश में सबसे ज्यादा स्टार्टअप खुलने वाली जगह बन गई है। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि यहां स्टार्टअप्स न सिर्फ खुल रहे हैं, बल्कि वे लगातार चल भी रहे हैं। जबकि इसके पहले एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पूरे देश के स्तर पर कोरोना काल में स्टार्टअप्स के पास काम चलाने तक के लिए पूंजी नहीं बची है। नए खुलने वाले ज्यादातर स्टार्टअप्स पूंजी के अभाव में बंद होने की कगार पर आ गए थे। टीआईई की रिपोर्ट से नए स्टार्टअप्स को कुछ उम्मीद बंधती दिखाई दे रही है।
सरकार के सहयोग काफी सकारात्मक
नए स्टार्टअप्स को तकनीकी सहयोग देने वाली कंपनी न्यू एप इन्वेंटिव टेक्नॉलोजीज के डायरेक्टर सौरभ सिंह ने अमर उजाला को बताया कि कोरोना काल हर तरह के क्षेत्र के लिए मुश्किलों वाला साबित हुआ। नए स्टार्टअप्स के पास भी काम पाने के लिए कुछ नहीं था। लिहाजा सबके सामने पूंजी का संकट खड़ा हो गया। लेकिन तकनीक आधारित नए स्टार्टअप्स के पास यह समय एक अवसर के रूप में भी सामने आया, जब नए तकनीकी स्टार्टअप्स ने लोगों को पढ़ाई, कामकाज और रोजगार में मदद देने के लिए नए-नए तकनीकी सहयोग देना शुरू कर दिया।
इस दौरान सबसे ज्यादा नए स्टार्टअप्स शिक्षा, मनोरंजन और घर से कामकाज करने में सुविधा देने वाले तकनीकी क्षेत्र में खुले हैं। कोरोना काल के संकट ने लोगों को कामकाज के लिए नए विकल्प खोजने के लिए मजबूर किया, जिसने इस क्षेत्र को उभारने में बड़ी मदद की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस क्षेत्र को कुछ आर्थिक और तकनीकी मदद उपलब्ध करा देती है तो यह काल स्टार्टअप्स के लिए स्वर्णकाल साबित हो सकता है।
दिल्ली सरकार की शिक्षा नीति से मिल रही मदद
दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों में नए स्टार्टअप्स को शुरू करने के लिए छात्रों को उत्साहित करना शुरू कर दिया है। छात्रों को न केवल रोजगार देने वाले क्षेत्रों में पढ़ाया जा रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार देने के लिए आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इस प्रकार की मदद से युवाओं ने भारी संख्या में स्टार्टअप्स स्थापित करने की कोशिश शुरू की है जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक ऐसी ही समिट में कहा कि कोरोना काल में भी स्टार्टअप्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्टार्टअप्स को हर तकनीकी और आर्थिक मदद देगी जिससे ये उचित वातावरण में आगे बढ़ सकें।
दिल्ली सरकार उठाने जा रही ये कदम
- दिल्ली सरकार नए उद्यमियों को शीघ्र कर्ज मिलने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगी। इस पर लगने वाला ब्याज बेहद मामूली हो सकता है।
- सरकार एक हेल्पलाइन शुरू करेगी, जिस पर स्टार्टअप से जुड़ी कोई भी जानकारी कभी भी प्राप्त की जा सकेगी।
- दिल्ली सरकार रानी खेड़ा में 150 एकड़ भूमि पर हाइटेक बिजनेस पार्क बना रही है। इसमें नए स्टार्टअप्स को काफी प्राथमिकता और सहूलियतें दी जाएंगी।
- बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए अन्य क्षेत्रों को विकसित करने और वर्तमान क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है।
- छात्रों में नए स्टार्टअप विकसित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन हेतु शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।