हैकिंग के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार: SoftBank और OpenAI ने मिलाया हाथ, जानें क्या है मास्टरप्लान
साइबर हमलों का खतरा दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है और अब जापान की टेक दिग्गज SoftBank ने OpenAI के साथ मिलकर इसका समाधान पेश किया है। नई AI-आधारित सेवा कंपनियों की सुरक्षा कमजोरियों का पता लगाकर उन्हें समय रहते ठीक करने में मदद करेगी, ताकि बड़े साइबर हमलों को रोका जा सके।

विस्तार
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच जापान की टेक्नोलॉजी कंपनी सॉफ्टबैंक (SoftBank) ने ओपनएआई (OpenAI) के साथ मिलकर एक नई AI-आधारित सुरक्षा सेवा शुरू करने की घोषणा की है। इस सेवा का उद्देश्य कंपनियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को साइबर हमलों से बचाना है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा जटिल और खतरनाक हो चुके हैं।
टोक्यो में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सॉफ्टबैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मासायोशी सोन ने कहा कि जापान के लिए साइबर सुरक्षा अब एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने इसकी तुलना पुराने दौर की राइफल से होने वाले हमलों और आज के मशीन गन जैसे शक्तिशाली हमलों से करते हुए कहा कि खतरे का स्तर कई गुना बढ़ चुका है।क्या है 'पैचिंग सर्विस' और कैसे करेगी काम?
- सॉफ्टबैंक की नई पैचिंग सर्विस मुख्य रूप से जापान की लगभग 3,000 प्रमुख कंपनियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इनमें हवाई अड्डे, बिजली आपूर्ति नेटवर्क, परिवहन व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।
- इस सेवा के तहत सबसे पहले किसी कंपनी की डिजिटल सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा। AI की मदद से सिस्टम में मौजूद कमजोरियों और संभावित खामियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उन कमियों को दूर करने के लिए जरूरी समाधान के रूप में सुरक्षा पैच सुझाए जाएंगे।
- मासायोशी सोन ने कहा कि बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए यह उनका दायित्व है कि वे कंपनियों को "बुरे लोगों" यानी साइबर अपराधियों से बचाने में मदद करें।
OpenAI के साथ मिलकर किया गया विकास
SoftBank और ChatGPT बनाने वाली OpenAI ने पिछले साल SB OAI Japan नाम से 50-50 हिस्सेदारी वाला एक संयुक्त उपक्रम बनाया था। इसका उद्देश्य जापानी बाजार के लिए विशेष AI सेवाओं का विकास और वितरण करना है। इस नई साइबर सुरक्षा सेवा को उसी साझेदारी का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि दोनों कंपनियों ने अभी इसकी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन इस लॉन्च कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन उनकी नवजात बेटी के जन्म के कारण वह केवल वीडियो संदेश के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। उनकी जगह OpenAI के मुख्य शोध अधिकारी मार्क चेन कार्यक्रम में मौजूद रहे।AI ने बढ़ाई चुनौती और यही बनेगा समाधानविशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग ने साइबर हमलों को पहले से अधिक तेज, जटिल और प्रभावशाली बना दिया है। अब हमलावर भी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक स्मार्ट बनाने की जरूरत पड़ रही है।
इसी चुनौती को देखते हुए सॉफ्टबैंक और ओपनएआई की यह नई पहल AI के जरिए साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम पर केंद्रित है। कंपनी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मुफ्त सुरक्षा जांच के लिए आवेदन करने का अवसर भी दिया। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में AI आधारित साइबर सुरक्षा समाधान दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक जरूरी जरूरत बन सकते हैं।
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