Location Blocked: अब वेबसाइट-एप एक्सेस नहीं कर पाएंगे आपकी लोकेशन, यह टेक्नोलॉजी करेगी मदद
क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम आधारित एक खास तकनीक विकसित की है, जो सटीक लोकेशन को छिपाकर आपकी लोकेशन को सत्यापित करने की अनुमति देती है। टीयूएम ने हाल ही में इसे इंस्टीट्यूट अॉफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (आईईईई) के ‘सिंपोजियम ऑन सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी-2025’ में प्रस्तुत किया।

विस्तार
वेबसाइट या एप को दी लोकेशन की अनुमति आपकी निजता के लिए खतरा हो सकती है, लेकिन स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों की नई क्रिप्टोग्राफिक तकनीक आपको इससे बचा सकती है। चाहे कोई वेबसाइट हो या फिर एप, अक्सर आपसे लोकेशन की अनुमति मांगते हैं और एक्सेस जरूरी होने के चलते आप अनुमति भी दे देते हैं। ज्यादातर लोग इसे सामान्य या अनिवार्य समझते हैं। लेकिन इसके बाद आपकी डिवाइस लोकेशन उस कंपनी या व्यक्ति के पास पहुंच जाती है और वह सुविधानुसार आपको ट्रेस कर सकता है।
यह बेहद संवेदनशील है और दुरुपयोग होने पर कई बार इसके गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। इन खतरों को रोकने के लिए स्विट्जरलैंड के म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय (टीयूएम) के वैज्ञानिकों ने क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम आधारित एक खास तकनीक विकसित की है, जो सटीक लोकेशन को छिपाकर आपकी लोकेशन को सत्यापित करने की अनुमति देती है। टीयूएम ने हाल ही में इसे इंस्टीट्यूट अॉफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (आईईईई) के ‘सिंपोजियम ऑन सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी-2025’ में प्रस्तुत किया।
यह एक क्रिप्टोग्राफिक तकनीक है, जो किसी व्यक्ति को यह साबित करने देती है कि वह किसी स्थान (जैसे शहर, इलाका या टाउनशिप) पर मौजूद है, लेकिन उसकी सटीक लोकेशन को उजागर नहीं होने देती है। इसमें मुख्य रूप से दो चीजें होती हैं- जीरो नॉलेज प्रूफ और हेक्सागोनल ग्रिड सिस्टम। जीरो नॉलेज प्रूफ एक तरह का गणितीय तरीका है, जो मूल जानकारी को छिपाकर सिर्फ यह बताता है कि जानकारी सही है। वहीं, हेक्सागोनल ग्रिड सिस्टम एक तरह का मानचित्र होता है, जो किसी क्षेत्र को छोटे-छोटे षट्कोणों में बांट देता है। इससे किसी स्थान को विभिन्न स्तरों की सटीक जानकारी के साथ दर्शाया जा सकता है।
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