चार साल में 200 रुपये से पांच रुपये तक पहुंची 1GB डाटा की कीमत, जियो ने बदली सूरत

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 04 Sep 2020 02:22 PM IST
सार
jio 4th anniversary Internet price in India down from Rs 200 to Rs 5 in Just 4 years
Internet User - फोटो : jio.com

    विस्तार

    भारत में इंटरनेट के 25 साल पूरे हो गए हैं। 1995 में भारत में पहली बार विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) के सौजन्य से इंटरनेट का कमर्शियल इस्तेमाल हुआ था। उस दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि उस वक्त 9.6केबीपीएस स्पीड वाले इंटरनेट के लिए 2.40 लाख रुपये देने होते थे, जबकि आज 100एमबीपीएस तक की स्पीड आसानी से मिल जा रही है। ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर तो स्पीड 1000एमबीपीएस को भी पार कर रही है।

    2016 के बाद बदली भारतीय इंटरनेट की सूरत

    साल 2014-15 में भारत में इंटरनेट (डाटा) का कुल खर्च 83 हजार करोड़ जीबी था जबकि आज हर भारतीय हर महीने औसतन 11 जीबी डाटा खर्च कर रहा है। भारत में इंटरनेट यूजर्स को बढ़ाने और घर-घर इंटरनेट पहुंचाने में रिलायंस जियो का बड़ा योगदान रहा है। साल 2016 तक 1 जीबी डाटा की कीमत 185 से 200 रुपये के करीब थी लेकिन जियो के आने के बाद अब प्रति जीबी डाटा कीमत करीब पांच रुपये हो गई है। डाटा की खपत में भी भारी इजाफा हुआ है। साल 2016 से पहले भारत में डाटा खपत मात्र 0.24 जीबी प्रति ग्राहक प्रति माह थी जो कि आप करीब 11 जीबी प्रति यूजर प्रति माह पहुंच गई है। बता दें कि जियो के भारत में चार साल पूरे हो गए हैं।

    साल 2016 में भारत इंटरनेट डाटा खपत के मामले में 155वें स्थान पर था और महज चार साल में भारत आज डाटा खपत के मामले में पहले पायदान पर है। इसमें जियो के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। ट्राई के मुताबिक अमेरिका और चीन मिलकर जितना मोबाइल 4जी डाटा खपत करते हैं उनसे ज्यादा अकेले भारत के लोग डाटा का इस्तेमाल करते है। देश का 60 फीसदी से ज्यादा डाटा जियो नेटवर्क पर इस्तेमाल होता है।

    गांव में बढ़े इंटरनेट यूजर्स

    ग्रामीण इलाकों में 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले अब 4जी फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर 4जी स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं। गांवों में इंटरनेट पहुंचाने में भी जियो का बड़ा हाथ है। ग्रामीण भारत के लिए जियो ने दुनिया का पहला 4जी फीचर फोन पेश किया था। 2016 में जहां गांवों में 12 करोड़ के करीब ग्राहक डाटा इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं आज 28 करोड़ लोग इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले 4 सालों में जियो से करीब 40 करोड़ से अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं।

    1986 में शुरू हुआ था इंटरनेट

    भारत में इंटरनेट की शुरुआत 1989 में ही हो गई थी लेकिन इसका कमर्शियल स्तर पर इस्तेमाल 1995 में शुरू हुआ। 1989 में इंटरनेट का इस्तेमाल शिक्षा और शोध कार्य के लिए ही होता था। उस दौरान नेशनल रिसर्च नेटवर्क (ERNET) के जरिए इंटरनेट मिलता था। इसका संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा किया जाता था। 1995 के दौर में सिर्फ सत्यम इनफोवे एक आईएसपी प्रोवाइडर कंपनी थी, जबकि आज देश में 358 से अधिक आईएसपी कंपनियां हैं जो लोगों को घरों तक इंटरनेट पहुंचा रही हैं।

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