GTRI: लैपटॉप-इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई नीतियों की जरूरत, थिंक टैंक की भारत को सलाह
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने कहा कि एक देश पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में सप्लाई का जोखिम पैदा करती है, और इसे रोकने के लिए घरेलू उत्पादन को बढ़ाना सबसे सही उपाय है।

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थिंक टैंक जीटीआरआई ने बुधवार को कहा कि भारत को लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नीतियां अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक देश पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में सप्लाई का जोखिम पैदा करती है, और इसे रोकने के लिए घरेलू उत्पादन को बढ़ाना सबसे सही उपाय है। बता दें कि हाल ही में भारत सरकार ने लैपटॉप पीसी सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
आयात प्रतिबंधों से भारत में निवेश बढ़ेगा
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने यह भी कहा कि ग्लोबल कंपनियां आयात प्रतिबंधों को लेकर असहज महसूस कर सकती हैं, क्योंकि यह उन्हें अपने व्यापार के मौजूदा स्तर को बनाए रखने के लिए भारत में निवेश करने के लिए मजबूर करेगा। बताते चलें कि एक नवंबर से एपल, डेल और एचपी जैसी आईटी हार्डवेयर कंपनियों को अपने आयातित इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, जैसे लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर, के बारे में रजिस्ट्रेशन और अन्य जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता होगी।
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