अपने सिस्टम को हैकर्स से बचना हैं तो अपनाएं ये तरीके

इंटरनेट का इस्तेमाल आज आम बात हो गई है, लेकिन क्या आपको पता है कि वेब सर्विसेज या वेब ब्राउजर्स आपकी इंटरनेट एक्टिविटिज पर नजर रख सकते हैं। ये वेब सर्विसेज आपकी प्रोफाइल बना सकते हैं और आपके सिस्टम को हैक कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कुछ सुरक्षित तरीके जिनसे आप अपने सिस्टम को हैक होने से बचा सकते हैं।
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क्रोम या फायरफॉक्स जैसे पॉपुलर ब्राउजर का इ्स्तेमाल लगभग सभी इंटरनेट यूजर करते हैं, लेकिन इन ब्राउजर्स का सिक्योरिटी और प्राइवेसी लेवल ऊंचे स्तर का नहीं होता है। इस कारण आपका सिस्टम आसानी से हैक हो सकता है। सिक्योर वेब सर्फिंग के लिए आप टॉर या एपिक ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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टॉर आपके डेटा को गुमनाम बना देता है। ये ब्राउजर सिक्रेट सर्वर नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। हालांकि इस पर ब्राउजिंग स्पीड स्लो हो जाती है। वहीं एपिक क्रोमियम बेस्ड बाउजर है। इसमें वन बटन प्रॉक्सी, बिल्ट इन ऐड ब्लॉकिंग, कुकीज ऑटो डिलीशन जैसे कई सिक्योरिटी और प्राइवेसी फीचर्स मौजूद हैं।
इन तरीको से नहीं होगा हैक आपका सिस्टम

चैट लीक को कैसे रोकें
व्हाट्सऐप में डिफॉल्ट एंड टू एंड एनक्रिप्शन का फीचर दिया गया है। एंड टू एंड एनक्रिप्शन का मतलब होता है कि चैट सर्वर्स आपको मैसेज को एक्सेस नहीं कर सकते हैं। आपके चैट का कोई भी डेटा सर्वर स्टोर नहीं करता है। वहीं टेलीग्राम, सिग्नल जैसे कई ऐसे ऐप भी हैं, जिनमें इस प्रकार के हाईलेवल सिक्योरिटी फीचर नहीं हैं। टेलीग्राम में सीक्रेट चैट फीचर हैं, जिसमें सभी मैसेज और मीडिया अपने आप डिलिट हो जाते हैं।
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सिक्योर ऑपरेटिंग सिस्टम
अगर आप सिक्योरिटी को लेकर बहुत ज्यादा ही चिंतित हैं तो आपको टेल्स ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहिए। टेल्स में सभी इंटरनेट कम्युनिकेशन टॉर नेटवर्क के जरिए होते हैं। यह ऑपरेटिंग सिस्टम मेल और चैट का एडवांस एनक्रिप्शन यूज करता है। लाइनेक्स बेस्ड वेब ब्राउजर टेल्स में वेब ब्राउजिंग, इंस्टैंट मैसेजिंग क्लाइंट, ईमेल क्लाइंट, ऑफिस सूट के अलावा फोटो और ऑडियो एडिटर के कई सिक्योर एप्लिकेशंस हैं।
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अलग किस्म के सर्च इंजन
सर्च इंनज आपकी इंटरनेट एक्टिविटीज जैसे सर्च हिस्ट्री पर नजर रखते हैं। डिटेल्ड प्रोफाइल बनाते हैं और बेहतर टारगेटिंग के लिए जानकारी स्टोर करते हैं। इसके लिए आप ऐसे ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपके डेटा को स्टोर नहीं करते हैं। इस तरह से आप अपने वेब सर्च को सिक्योर रख सकते हैं।