विवादों के बीच फेसबुक की सफाई, कहा- भारत के प्रति अटूट है फेसबुक की प्रतिबद्धता

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 22 Aug 2020 12:52 PM IST
सार
Facebook India says it unbiased and continue to remove offensive content
Facebook - फोटो : पेक्सेल्स

    विस्तार

    सत्ताधारी पार्टी का समर्थन करने और पार्टी के नेता के विवादित पोस्ट को नहीं हटाने के विवाद के बाद फेसबुक ने फिर से सफाई दी है और कहा है कि वह नफरत फैलाने वाले और पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले पोस्ट पर कार्रवाई करती रहेगी। फेसबुक ने कहा कि वह एक खुला मंच है जो पूरी तरह से पक्षपात रहित और पारदर्शी है। सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करने वाले पोस्ट को को हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। ये बातें फेसबुक इंडिया के प्रमुख अजित मोहन ने अपने ब्लॉग में कही है।

    अजित मोहन ने अपने ब्लॉग में कहा है, 'फेसबुक का मकसद एक ऐसा मंच प्रदान करना है जो कि पारदर्शी हो और जिसके नियम सभी लोगों पर एक समान लागू हों। उन्होंने कहा फेसबुक की एक पॉलिसी है जो यह निर्धारित करती है कि उसके प्लेटफॉर्म पर किस तरह की चीजें रह सकती है और किस तरह की चीजें नहीं रह सकतीं।

    दरअसल हाल ही में अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक सत्ताधारी पार्टी का समर्थन करती है। फेसबुक पर आरोप है कि उसने एक भाजपा नेता के भड़काऊ भाषण को डिलीट नहीं किया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में फेसबुक की पॉलिसी डायरेक्टर आंखी दास ने भाजपा नेता टी राजा सिंह के एक पोस्ट पर फेसबुक की पॉलिसी के लागू नियम का विरोध किया था।

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    फेसबुक को भारत में कारोबार प्रभावित होने का डर

    इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने सामने हैं। वहीं बवाल होने के दो दिन बाद आंखी दास ने जानलेवा हमले को लेकर शिकायत भी की है। रिपोर्ट में कहा गया था कि फेसबुक सत्ताधारी पार्टी से कोई पंगा लेना नहीं चाहती है, क्योंकि उसे अपने कारोबार के प्रभावित होने का डर है। यह दावा अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच वाले कंटेंट पर कार्रवाई नहीं करती है।

    भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

    इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर फेसबुक के साथ सांठगांठ में फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि भारत में फेसबुक और व्हाट्सएप पर आरएसएस और बीजेपी का कब्जा है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए भी करती है।

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