भाजपा नेताओं के हेट स्पीच पर छूट को लेकर फेसबुक ने दिया यह बयान

भड़काऊ भाषण और सामग्री को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के निशाने पर आई सोशल मीडिया साइट फेसबुक ने सोमवार को स्पष्टीकरण दिया है। फेसबुक प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया, हम ऐसे भड़काऊ भाषण और सामग्री पर रोक लगाते हैं, जो हिंसा को उकसाते हैं। हम नीतियों को वैश्विक स्तर पर लागू करते समय यह नहीं देखते कि पोस्ट किस राजनीतिक हैसियत के हवाले से या पार्टी से संबंधित है। वहीं, फेसबुक और वॉट्सएप पर नियंत्रण को लेकर आमने-सामने आईं भाजपा और कांग्रेस ने फिर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ा है। कांग्रेस ने जहां जेपीसी जांच की मांग की है, वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी को कांग्रेस पर नियंत्रण में विफल करार दिया है।
इससे पहले फेसबुक ने यह भी कहा है कि हालांकि, हम जानते हैं कि भड़काऊ भाषण और सामग्री पर रोक लगाने के लिए अभी काफी कुछ करना है। निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम इस प्रक्रिया का नियमित आकलन करते हैं। वहीं, भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने विस्तृत आंकड़ों के साथ राहुल गांधी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि 2019 चुनाव से पहले फेसबुक ने भाजपा समर्थकों के करीब 700 पेज डिलीट किए थे, जबकि हर पेज के लाखों फालोवर्स थे।
मालवीय ने हेट स्पीच के दायरे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी खड़ा करते हुए कहा कि उनका विभाजनकारी भाषण फेसबुक पर लाइव चला था और उसके बाद दिल्ली में दंगे भी हुए और कई की जानें भी गई। दरअसल, अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट को पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट किया था, भाजपा-आरएसएस भारत में फेसबुक और वाट्सएप का नियंत्रण करती हैं। इसके जरिये ये झूठी खबरें व नफरत फैलाकर वोटरों को फुसलाते हैं। आखिरकार, अमेरिकी मीडिया ने फेसबुक का सच सामने लाया है।
क्या है मामला?
दरअसल एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक पर भाजपा नेताओं के घृणा फैलाने वाले पोस्ट को लेकर नरमी बरती जाती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में फेसबुक की पॉलिसी डायरेक्टर आंखी दास ने भाजपा नेता टी राजा सिंह के एक पोस्ट पर फेसबुक की पॉलिसी के लागू नियम का विरोध किया था। बता दें कि टी राजा तेलंगाना से भाजपा विधायक हैं। वहीं आंखी दास ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत भी दर्ज कराई है जिसमें कहा है कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया था कि फेसबुक सत्ताधारी पार्टी से कोई पंगा लेना नहीं चाहती है, क्योंकि उसे अपने कारोबार के प्रभावित होने का डर है। यह दावा अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच वाले कंटेंट पर कार्रवाई नहीं करती है।
भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर फेसबुक के साथ सांठगांठ में फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस रिपोर्ट को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि भारत में फेसबुक और व्हाट्सएप पर आरएसएस और बीजेपी का कब्जा है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए भी करती है।
कैंब्रिज एनालिटिका मामले का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, चुनाव से पहले डाटा को हथियार बनाने के लिए आपको कैंब्रिज एनालिटिका और फेसबुक के साथ गठजोड़ करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। प्रसाद ने यह बात राहुल के ट्वीट पर ही लिखी और पूछा, 'अब आप हमसे सवाल कर रहे हैं?'
क्या कहता है वालस्ट्रीट जर्नल का लेख
राहुल ने द वालस्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित जिस लेख का उल्लेख किया है उसमें कहा गया है कि फेसबुक भारत में सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हेट स्पीच और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर कोताही बरतता है। इस लेख में फेसबुक के एक अधिकारी के हवाले से यह भी लिखा गया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से सोशल मीडिया कंपनी के भारत में कारोबार पर भारी असर पड़ सकता है। लेख में फेसबुक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
भाजपा पर नरमी बरतने के आरोपों पर फेसबुक अधिकारी को जान से मारने की धमकी
इस बीच, भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषणों पर नरमी बरतने के आरोपों के बाद फेसबुक की अधिकारी अंखी दास को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। फेसबुक की इंडिया, साउथ एंड सेंट्रल एशिया पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी ने दिल्ली में साइबर सेल यूनिट में उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जो उन्हें ऑनलाइन पोस्ट और कंटेंट के जरिए जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
चुनाव में फेसबुक कैसे कर रही भाजपा की मदद, जेपीसी जांच हो: कांग्रेस
कांग्रेस ने मामले में की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा, जेपीसी को जांच करनी चाहिए कि फेसबुक और वाट्सऐप चुनावों में भाजपा की मदद करने और नफरत का माहौल बनाने के लिए कैसे काम कर रहे हैं।
राहुल असफल नेता, कांग्रेस पर नहीं रहा नियंत्रण: भाजपा
राहुल गांधी एक असफल नेता हैं और स्वाभाविक रूप से कहीं न कहीं उनकी खीझ और बौखलाहट दिख रही है। राहुल कांग्रेस के ऊपर ही नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। नियंत्रण से बाहर कांग्रेस पार्टी जा रही है और उसका प्रलाप राहुल गांधी कर रहे हैं। -संबित पात्रा, भाजपा प्रवक्ता
फेसबुक की कार्यप्रणाली लोकतंत्र को अस्थिर करने वाली: कांग्रेस
अमेरिका में फेसबुक को लेकर हुए खुलासे के बाद कांग्रेस फेसबुक और भाजपा की कथित साठगांठ को लेकर आक्रामक है। पार्टी ने सोमवार को कहा कि फेसबुक की कार्यप्रणाली देश के लोकतंत्र को अस्थिर करने वाली है। कांग्रेस फेसबुक और भारतीय टेलीकॉम कंपनी जियो के बीच गठजोड़ को भी इससे जोड़कर सरकार की नीयत पर सवाल उठा रही है।
प्रवक्ता सुश्री सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि फेसबुक हमारे लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। फेसबुक अपने प्लेटफार्म पर नफरत की जहरीली आग, नफरत से भरे भाषण को शिकायतों के बाद भी नहीं हटाती।
हमारे देश के लिए अलग कानून बनाए है, जबकि सिंगापुर जैसे कई अन्य देशों में पॉलिसी मेकर के सामने इसकी जवाबदेही है। भारत में गैरजिम्मेदाराना रवैया है। यहां स्वेच्छा से चीजें कंट्रोल कर लेते हैं, या स्वेच्छा से चीजें चलने देते हैं। अपनी साख बचाने के लिए आत्महत्या रोक सकते हैं, लेकिन पोस्ट के माध्यम से दंगे फैलाने की कोशिश को नहीं रोके जाते हैं।
फेसबुक का खुलासा उनके यहां के ही कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों ने किया है। इसलिए मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि अगर आपका गिरेबान बिल्कुल साफ है तो आप खंडन करें। सुप्रिया ने कहा कि फेसबुक ने रिलायंस जियो में 10 प्रतिशत के लगभग हिस्सा खरीदा। कहीं न कहीं इसके तार जुड़े हुए हैं। एक सुनियोजित और सोचे-समझे तरीके से कैसे हमारे लोकतंत्र का हनन हो रहा है।
सरकार कहे, तो एआईएमआईएम समर्थक का अकाउंट ब्लॉक कर देंगे : फेसबुक
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और यू ट्यूब ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि यदि केंद्र सरकार या अदालत आदेश दे, तो भड़काऊ पोस्ट करने वाले एआईएमआईएम समर्थक का अकाउंट ब्लॉक कर सकते हैं। चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस माधव जामदार की खंडपीठ मुंबई निवासी इमरान खान की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट के लिए अबू फैजल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि फैजल असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का समर्थक है। याचिका में फैजल द्वारा अपलोड किए गए वीडियो हटाने और उस पर स्थायी तौर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। फेसबुक के वकील डेरियस खंबाटा और यू ट्यूब के वकील नरेश ठाकर ने कोर्ट को बताया कि फैजल के वीडियो को हटा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस साल मई में हाईकोर्ट ने यू ट्यूब और फेसबुक को फैजल के वीडियो को हटाने का निर्देश दिया था।
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