मच्छर की साढ़े तीन हजार से ज्यादा प्रजातियां हैं। जानिए इनमें से सबसे खतरनाक मच्छर और उनसे होने वाली बीमारियों को।
{"_id":"351704ba766dcba92e63e1e18efe7d06","slug":"dangerous-mosquitoes-and-diseases","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!","category":{"title":"Lifestyle Archives","title_hn":"लाइफस्टाइल आर्काइव","slug":"lifestyle-archives"}}
बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 05 Sep 2015 08:30 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!
एडीज मच्छर
एडीज मच्छर काटने से डेंगू बुखार होता है। हैरानी की बात ये हैं कि इसके ज्यादातर मामले शहरी इलाकों में पाए मिलते हैं।
एडीज मच्छर काटने से डेंगू बुखार होता है। हैरानी की बात ये हैं कि इसके ज्यादातर मामले शहरी इलाकों में पाए मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!
क्यूलेक्स मच्छर
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से वेस्ट नील वायरस खून के बहाव को अनियंत्रित करते हैं। इससे ब्रेन टिश्यूज को भी नुकसान पहुंचता है। इसके वायरस स्तनपान के समय बच्चों में चले जाते हैं। कई बार इस मामले में मौत तक हो जाती है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से वेस्ट नील वायरस खून के बहाव को अनियंत्रित करते हैं। इससे ब्रेन टिश्यूज को भी नुकसान पहुंचता है। इसके वायरस स्तनपान के समय बच्चों में चले जाते हैं। कई बार इस मामले में मौत तक हो जाती है।
बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!
मादा एनोफ्लीज मच्छर
प्लासमोडियम फेल्सीपेरम और प्लासमोडियम वाइवैक्स के कारण मलेरिया होता है। मादा एनोफ्लीज मच्छर के काटने से ये वायरस खून में पहुंच जाता है। जिसके बाद कंपकपी देकर तेज बुखार आता है। आज मलेरिया का इलाज संभव है। कुछ साल पहले मलेरिया से लोगों की मौत हो जाती थी।
प्लासमोडियम फेल्सीपेरम और प्लासमोडियम वाइवैक्स के कारण मलेरिया होता है। मादा एनोफ्लीज मच्छर के काटने से ये वायरस खून में पहुंच जाता है। जिसके बाद कंपकपी देकर तेज बुखार आता है। आज मलेरिया का इलाज संभव है। कुछ साल पहले मलेरिया से लोगों की मौत हो जाती थी।
विज्ञापन
बंदूक से भी ज्यादा घातक हैं ये मॉडर्न मच्छर, जरा बचके!
एडीज एजिप्टी
अफ्रीका और साउथ अमेरिका में यलो फीवर एक आम बीमारी है। एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से ये बुखार होता है। इसके वायरस से संक्रमित होने के सात दिन तक शरीर हल्का-हल्का गर्म रहता है। उसके बाद सिरदर्द, मतली और तेज बुखार आता है।
अफ्रीका और साउथ अमेरिका में यलो फीवर एक आम बीमारी है। एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से ये बुखार होता है। इसके वायरस से संक्रमित होने के सात दिन तक शरीर हल्का-हल्का गर्म रहता है। उसके बाद सिरदर्द, मतली और तेज बुखार आता है।
विज्ञापन
news archives
lifestyle archives
dangerous mosquitoes and diseases
mosquitoes
dengue fever
west nile virus
malaria
yellow fever
rift valley fever
murray valley encephalitis
chikungunya
japanese encephalitis
dog heartworm
western equine encephalitis
female anopheles mosquitoe
culex quinquefasciatus
aedes mosquito
health
health news
विज्ञापन
विज्ञापन