{"_id":"6ae1cc5a6f2d7a6bce095baf","slug":"who-was-para-athlete-neeraj-yadav-know-profile-and-career-stats-medalist-of-para-asian-games-2026-10-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कौन थे पैरा एथलीट नीरज यादव?: बचपन में हुआ पोलियो, पैरा एशियन गेम्स में जीते तीन स्वर्ण; क्यों की आत्महत्या?","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
कौन थे पैरा एथलीट नीरज यादव?: बचपन में हुआ पोलियो, पैरा एशियन गेम्स में जीते तीन स्वर्ण; क्यों की आत्महत्या?
Wed, 28 Oct 2026 03:50 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 28 Oct 2026 03:50 PM IST
सार
- भारत के अनुभवी पैरा एथलीट नीरज यादव ने आत्महत्या कर ली। इसके कारण का हालांकि, अभी तक खुलासा नहीं हुआ है और जांच जारी है।
- नीरज यादव ने पैरा एशियन गेम्स में कई पदक जीते थे।
- नीरज इस साल आइची-नागोया में हुए पैरा एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे।
विज्ञापन
नीरज यादव
- फोटो : IANS
विस्तार
तीन बार एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक के चैंपियन रहे नीरज यादव का मंगलवार को निधन हो गया। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इसकी पुष्टि की। नीरज भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। हालांकि, इस मामले में नए पेंच उलझते जा रहे हैं। कोच ने आईएएनएस से नीरज के आत्महत्या करने की बात कही थी, जबकि पुलिस की जांच में कुछ और ही सामने आया है। आइए जानते हैं नीरज यादव का करियर कैसा रहा...
विज्ञापन
Trending Videos
पैरा एशियन गेम्स में जीते कई पदक
भारत के प्रतिभाशाली पैरा-एथलीटों में से एक यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते, उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव डोपिंग प्रतिबंध के कारण इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण कथित तौर पर तनाव में थे।
भारत के प्रतिभाशाली पैरा-एथलीटों में से एक यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते, उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव डोपिंग प्रतिबंध के कारण इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण कथित तौर पर तनाव में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्हीलचेयर टेनिस से शुरू किया था सफर
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था, उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं। नीरज ने 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे। इसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय पैरा एथलेटिक्स में पहचान बनानी शुरू की। 2022 में मोरक्को के माराकेच में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था, उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं। नीरज ने 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे। इसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय पैरा एथलेटिक्स में पहचान बनानी शुरू की। 2022 में मोरक्को के माराकेच में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।
पुलिस जांच में क्या हुआ खुलासा?
कोच सत्यनारायण के मुताबिक, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की, लेकिन पुलिस जांच में एक नई जानकारी सामने आई है। 28 अक्तूबर 2026 को रात करीब 12:08 बजे जाफराबाद थाना पुलिस को जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद जांच अधिकारी एसआई विशाल त्यागी पुलिसकर्मियों के साथ दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि मृतक का शव पहले ही जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में भेजा जा चुका था।
जांच के दौरान मृतक को अस्पताल लेकर पहुंची एक महिला ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज यादव के साथ दोस्ती थी। महिला के मुताबिक, 27 अक्तूबर 2026 को वह नीरज से मिलने सोनीपत गई थी। वहां उसने नीरज को समझाया कि वह आगे उससे संपर्क में नहीं रह सकती। इसके बाद नीरज अपनी कार से उसे दिल्ली के मौजपुर छोड़ने आया। महिला ने पुलिस को बताया कि रात करीब नौ बजे उसे कुछ संदेह हुआ। इसके बाद वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पहुंची, जहां उसने नीरज यादव को उनकी कार के पास सड़क पर पड़ा हुआ देखा। इसके बाद महिला नीरज को इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोच सत्यनारायण के मुताबिक, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की, लेकिन पुलिस जांच में एक नई जानकारी सामने आई है। 28 अक्तूबर 2026 को रात करीब 12:08 बजे जाफराबाद थाना पुलिस को जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद जांच अधिकारी एसआई विशाल त्यागी पुलिसकर्मियों के साथ दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि मृतक का शव पहले ही जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में भेजा जा चुका था।
जांच के दौरान मृतक को अस्पताल लेकर पहुंची एक महिला ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज यादव के साथ दोस्ती थी। महिला के मुताबिक, 27 अक्तूबर 2026 को वह नीरज से मिलने सोनीपत गई थी। वहां उसने नीरज को समझाया कि वह आगे उससे संपर्क में नहीं रह सकती। इसके बाद नीरज अपनी कार से उसे दिल्ली के मौजपुर छोड़ने आया। महिला ने पुलिस को बताया कि रात करीब नौ बजे उसे कुछ संदेह हुआ। इसके बाद वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पहुंची, जहां उसने नीरज यादव को उनकी कार के पास सड़क पर पड़ा हुआ देखा। इसके बाद महिला नीरज को इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।