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Wimbledon 2021: प्लिसकोवा को हरा एश्ले बार्टी ने जीता दूसरा ग्रैंड स्लैम, खत्म किया 41 साल का सूखा

Sat, 10 Jul 2021 08:40 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, विंबलडन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, विंबलडन Published by: मुकेश कुमार झा Updated Sat, 10 Jul 2021 08:40 PM IST
सार

एश्ले बार्टी ने फाइनल में चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-3, 6-7(4), 6-3 से हराकर पहली बार विंबलडन महिला एकल का खिताब अपने नाम किया।

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Wimbledon 2021: Ash Barty beats Karolina Pliskova to win her second Grand Slam title
एश्ले बार्टी ने जीता दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब - फोटो : Wimbledon

विस्तार

दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने शनिवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा को 6-3, 6-7(4), 6-3 से हराकर पहली बार विंबलडन महिला एकल का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही बार्टी ने दूसरी बार ग्रैंड स्लैम खिताब पर कब्जा किया। इससे पहले उन्होंने 2019 में फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया था। बता दें कि ऑल इंग्लैंड क्लब को नई चैंपियन मिल गई। कोरोना के चलते पिछली बार यह ग्रैंड स्लैम नहीं हुआ था। 2019 में रोमानिया की सिमोना हालेप ने पहली बार यह खिताब जीता था। प्लिस्कोवा पिछले सात वर्षों में विंबलडन के फाइनल में पहुंचने वाली चेक गणराज्य की पहली खिलाड़ी थीं। 

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बार्टी ने खत्म किया 41 साल साल का सूखा
बार्टी 41 साल बाद विंबलडन महिला एकल का खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं हैं। इससे पहले 1980 में उनकी आदर्श खिलाड़ी इवोनी गूलागोंग ने अपना दूसरा विंबलडन खिताब जीता था। उसके बाद कोई ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी खिताब नहीं जीत पाई थी। मगर बार्टी ने शनिवार को 41 साल के इस सूखे को खत्म किया। बता दें कि इवोनी 1971 में विंबलडन टेनिस ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनी थीं। ऐसे में उस ट्रॉफी की यह 50वीं वर्षगांठ थी।

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बचपन का सपना पूरा हुआ
विंबलडन चैंपियन बनना बार्टी का बचपन का सपना था। वह कई बार कह चुकी थीं कि एक दिन मैं यहां चैंपियन बनूंगी। यह मेरा सपना और लक्ष्य है, जिसे बार्टी ने आज आसानी से पूरा कर लिया। बता दें कि प्लिसकोवा ने सेमीफाइनल में सबालेंका को एक घंटे 53 मिनट तक चले मैच में 5-7, 6-4, 6-4 से जबकि बार्टी ने 2018 की चैंपियन कर्बर को 6-3, 7-6 (3) से हराया था।

44 साल बाद पहली बार हुआ ऐसा
साथ ही 1977 के बाद ऐसा पहली बार है जब फाइनल की दोनों प्रतिभागी ऑल इंग्लैंड क्लब में खिताबी भिड़ंत तक का सफर तय करने में सफल हुई हों। बार्टी और प्लिस्कोवा इससे पहले ग्रास कोर्ट मेजर में चौथे दौर से आगे नहीं पहुंच सकी थीं।

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