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सानिया के साथ खेलने का मोह छोड़ेंगे तो रियो जा पाएंगे पेस!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Jun 2016 10:26 AM IST
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लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा
- फोटो : Getty
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लिएंडर पेस बेहद दुविधा में हैं कि रियो ओलंपिक में जाने के लिए सानिया के साथ खेलने का मोह छोड़ना होगा तभी उनका रास्ता साफ हो सकता है।
पिछले दिनों फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाले लिएंडर पेस के लिए अपने सातवें ओलंपिक के मिश्रित युगल में खेलना खटाई में पड़ गया दिखता है। पेस को मिश्रित युगल में सानिया मिर्जा के साथ खेलने का मोह छोड़ना होगा।
हालांकि पिछले 18 महीने में पेस ने इस वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्विस जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता और करियर स्लैम पूरा किया। पेस को अगर रियो ओलंपिक में जाना है तो उन्हें सिर्फ पुरुष युगल से संतोष करना होगा क्योंकि इस बार नंबर वन सानिया भी अपना जोड़ीदार खुद चुनेंगी और माना जाता है कि सानिया पेस के मुकाबले बोपन्ना के साथ ज्यादा सहज हैं।
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सानिया को भारी दबाव के बीच 2012 लंदन ओलंपिक में पेस के साथ खेलना पड़ा था जबकि वह महेश भूपति के साथ खेलना चाहती थीं।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) इस कोशिश में लगा है कि ओलंपिक से पहले कोई विवाद पैदा नहीं हो और हर खिलाड़ी को ओलंपिक खेलने का मौका मिला। बोपन्ना ने अभी तक अपनी पसंद नहीं बताई है लेकिन समझा जाता है कि एआईटीए उन्हें पेस के साथ जोड़ी बनाने को कहेगा। भावनात्मक मुद्दा ही नहीं पेस अपनी बेहतरीन क्षमताओं के लिए भी जाने जाते हैं।
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पिछले दिनों फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाले लिएंडर पेस के लिए अपने सातवें ओलंपिक के मिश्रित युगल में खेलना खटाई में पड़ गया दिखता है। पेस को मिश्रित युगल में सानिया मिर्जा के साथ खेलने का मोह छोड़ना होगा।
हालांकि पिछले 18 महीने में पेस ने इस वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्विस जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता और करियर स्लैम पूरा किया। पेस को अगर रियो ओलंपिक में जाना है तो उन्हें सिर्फ पुरुष युगल से संतोष करना होगा क्योंकि इस बार नंबर वन सानिया भी अपना जोड़ीदार खुद चुनेंगी और माना जाता है कि सानिया पेस के मुकाबले बोपन्ना के साथ ज्यादा सहज हैं।
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सानिया को भारी दबाव के बीच 2012 लंदन ओलंपिक में पेस के साथ खेलना पड़ा था जबकि वह महेश भूपति के साथ खेलना चाहती थीं।
दूसरी ओर, अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) इस कोशिश में लगा है कि ओलंपिक से पहले कोई विवाद पैदा नहीं हो और हर खिलाड़ी को ओलंपिक खेलने का मौका मिला। बोपन्ना ने अभी तक अपनी पसंद नहीं बताई है लेकिन समझा जाता है कि एआईटीए उन्हें पेस के साथ जोड़ी बनाने को कहेगा। भावनात्मक मुद्दा ही नहीं पेस अपनी बेहतरीन क्षमताओं के लिए भी जाने जाते हैं।
बोपन्ना ने सीधे ही कटा लिया ओलंपिक का टिकट
मिश्रित युगल में खेलने को लेकर जारी अनिश्चितता के माहौल के बीच भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने सोमवार को एटीपी रैंकिंग में शीर्ष दस में वापसी करते हुए आगामी रियो ओलंपिक के लिए पुरुष युगल के लिए सीधे प्रवेश की पात्रता हासिल कर ली है।
उधर, हाल ही में फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाले लिएंडर पेस के लिए अपने सातवें ओलंपिक के मिश्रित युगल में खेलना खटाई में पड़ गया है और पुरुष युगल में भी अब रोहन बोपन्ना पर निर्भर करेगा कि वह रियो में किसे अपना जोड़ीदार बनाते हैं। सीधे प्रवेश पाने के कारण बोपन्ना को अपना जोड़ीदार चुनने का अधिकार मिलेगा। वैसे कोशिशें चल रही हैं कि बोपन्ना को पेस के जोड़ीदार के रूप में चुनने के लिए मनाया जाए।
पेस की युगल रैंकिंग 46 है और यदि बोपन्ना उनसे बेहतर रैंकिंग के भारतीय खिलाड़ी को चुनते हैं तो 42 साल के लिएंडर पेस का सातवें ओलंपिक में खेलना सपना बनकर रह सकता है। चूंकि भारत के पास ज्यादा उच्च रैंकिंग के खिलाड़ी नहीं हैं ऐसे में भारत ओलंपिक में पुरुष युगल में एक ही टीम उतार पाएगा।
बोपन्ना के पास लिएंडर के अलावा साकेत माइनेनी (125वीं रैंकिंग) को चुनने का विकल्प है, चूंकि उच्च रैंकिंग वाले अन्य खिलाड़ी पूरव राजा (103) और दिविज शरण (114) ओलंपिक नामांकन के लिए डेविस कप के मापदंड पर खरे नहीं उतरते। यही स्थिति जीवन नेंदुनचेझियान (134) और महेश भूपति (164) की है।
उधर, हाल ही में फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाले लिएंडर पेस के लिए अपने सातवें ओलंपिक के मिश्रित युगल में खेलना खटाई में पड़ गया है और पुरुष युगल में भी अब रोहन बोपन्ना पर निर्भर करेगा कि वह रियो में किसे अपना जोड़ीदार बनाते हैं। सीधे प्रवेश पाने के कारण बोपन्ना को अपना जोड़ीदार चुनने का अधिकार मिलेगा। वैसे कोशिशें चल रही हैं कि बोपन्ना को पेस के जोड़ीदार के रूप में चुनने के लिए मनाया जाए।
पेस की युगल रैंकिंग 46 है और यदि बोपन्ना उनसे बेहतर रैंकिंग के भारतीय खिलाड़ी को चुनते हैं तो 42 साल के लिएंडर पेस का सातवें ओलंपिक में खेलना सपना बनकर रह सकता है। चूंकि भारत के पास ज्यादा उच्च रैंकिंग के खिलाड़ी नहीं हैं ऐसे में भारत ओलंपिक में पुरुष युगल में एक ही टीम उतार पाएगा।
बोपन्ना के पास लिएंडर के अलावा साकेत माइनेनी (125वीं रैंकिंग) को चुनने का विकल्प है, चूंकि उच्च रैंकिंग वाले अन्य खिलाड़ी पूरव राजा (103) और दिविज शरण (114) ओलंपिक नामांकन के लिए डेविस कप के मापदंड पर खरे नहीं उतरते। यही स्थिति जीवन नेंदुनचेझियान (134) और महेश भूपति (164) की है।