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CWG 2022: किसान के बेटे गुरदीप ने हैवीवेट वेटलिफ्टिंग में देश को पहला पदक दिलाया, जानें इनकी पूरी कहानी
Thu, 04 Aug 2022 01:23 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 04 Aug 2022 01:23 PM IST
सार
गुरदीप किसान के बेटे हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वेटेलिफ्टिंग के 109 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 390 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक जीता है। हैवीवेट वेटलिफ्टिंग में यह भारत का पहला मेडल है।
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गुरदीप सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वेटलिफ्टिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस बार भारत ने कॉमनवेल्थ के इतिहास में इस खेल में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारत ने इस खेल में तीन स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीते हैं। वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा पदक भारत ने ही जीते हैं। वेटलिफ्टिंग में भारत को आखिरी पदक गुरदीप सिंह ने जिताया है। गुरदीप ने वेटेलिफ्टिंग के 109 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 390 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक जीता है। हैवीवेट वेटलिफ्टिंग में यह भारत का पहला मेडल है।
किसान के बेटे गुरदीप पहले भी हैवीवेट वेटलिफ्टिंग में कमाल कर चुके हैं। इस खेल में सबसे ज्यादा वजन उठाने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018 में 105 किग्रा से ज्यादा के भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।
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किसान के बेटे गुरदीप पहले भी हैवीवेट वेटलिफ्टिंग में कमाल कर चुके हैं। इस खेल में सबसे ज्यादा वजन उठाने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018 में 105 किग्रा से ज्यादा के भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।
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वेटलिफ्टिंग में कैसा रहा है गुरदीप का सफर
अक्टूबर 1995 को पंजाब में जन्में गुरदीप को राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने ट्रेनिंग दी है। वो तीन अलग-अलग स्तरों पर तीन रिकॉर्ड तोड़ने का कीर्तिमान बना चुके हैं। वेटलिफ्टिंग में उनके सफर की शुरुआत साल 2016 में हुई थी, जब उन्होंने 12वें दक्षिण एशियाई खेल में रजत पदक अपने नाम किया था। इसके बाद 2017 में अमेरिका के अनाहिम में उन्होंने आईडब्लूएफ वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में +105 किग्रा भार वर्ग में तीन नए सीनियर राष्ट्रीय रिकार्ड्स स्थापित किए। इस प्रतियोगिता में वो 13वें स्थान पर रहे थे, लेकिन (172+216) कुल 388 किलोग्राम भार उठाया था और स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट में उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे।
गुरदीप सिंह ने पुरुषों की सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018 के अंतिम दिन +105 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। इसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में 105 किलोग्राम से ज्यादा भारवर्ग में (175+207) कुल 382 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन पदक जीतने से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे।
गुरदीप ने चार साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने का अपना सपना पूरा किया और बर्मिंघम में 390 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
अक्टूबर 1995 को पंजाब में जन्में गुरदीप को राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने ट्रेनिंग दी है। वो तीन अलग-अलग स्तरों पर तीन रिकॉर्ड तोड़ने का कीर्तिमान बना चुके हैं। वेटलिफ्टिंग में उनके सफर की शुरुआत साल 2016 में हुई थी, जब उन्होंने 12वें दक्षिण एशियाई खेल में रजत पदक अपने नाम किया था। इसके बाद 2017 में अमेरिका के अनाहिम में उन्होंने आईडब्लूएफ वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में +105 किग्रा भार वर्ग में तीन नए सीनियर राष्ट्रीय रिकार्ड्स स्थापित किए। इस प्रतियोगिता में वो 13वें स्थान पर रहे थे, लेकिन (172+216) कुल 388 किलोग्राम भार उठाया था और स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट में उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे।
गुरदीप सिंह ने पुरुषों की सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2018 के अंतिम दिन +105 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। इसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए 2018 कॉमनवेल्थ खेलों में 105 किलोग्राम से ज्यादा भारवर्ग में (175+207) कुल 382 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन पदक जीतने से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे।
गुरदीप ने चार साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने का अपना सपना पूरा किया और बर्मिंघम में 390 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।