{"_id":"61ca3135b953d65cc356ac6a","slug":"shocking-7-crore-13-thousand-rupees-have-to-be-given-to-the-famous-players-engaged-in-the-preparations-for-the-olympics-the-account-is-from-2018-to-2021","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shocking: ओलंपिक की तैयारियों में जुटे नामी खिलाडिय़ों को देना है सात करोड़ 13 हजार रुपये का हिसाब-किताब, 2018 से 2021 तक का है हिसाब","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Shocking: ओलंपिक की तैयारियों में जुटे नामी खिलाडिय़ों को देना है सात करोड़ 13 हजार रुपये का हिसाब-किताब, 2018 से 2021 तक का है हिसाब
Tue, 28 Dec 2021 03:05 AM IST
स्वप्निल शशांक
हेमंत रस्तोगी, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 28 Dec 2021 03:05 AM IST
सार
टॉप्स से मदद पाने के बाद खिलाडिय़ों की ओर से हिसाब नहीं देने की आदत पुरानी है। खिलाडिय़ों पर सात करोड़ का हिसाब 2018 से 30 सितंबर 2021 तक बनता है।
विज्ञापन
स्पोर्ट्स
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ओलंपिक की तैयारियों के लिए नामी खिलाडिय़ों को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) से लाखों-करोड़ों रुपयों की धनराशि तो उपलब्ध तो करा दी गई, लेकिन ज्यादातर नामी खिलाडिय़ों ने इस राशि का हिसाब चुकता नहीं किया है। देश के नामी खिलाडिय़ों को सात करोड़ 13 हजार रुपये का हिसाब टॉप्स डिवीजन को देना है।
मिशन ओलंपिक सेल ने इन खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द धनराशि के प्रयोग के बदले यूटिलाइजेशन सर्टीफिकेट (यूसी) उपलब्ध कराने को कहा है। अगर 31 जनवरी तक खिलाडिय़ों ने हिसाब नहीं दिया तो उन्हें तैयारियों के लिए दी जाने वाली आगे की आर्थिक मदद को बंद कर दी जाएगी। ओलंपिक की तैयारियों के लिए कुछ शूटर और खिलाड़ी तो ऐसे हैं जिन्हें एक करोड़ रुपये से भी अधिक की मदद की गई है।
टॉप्स से मदद पाने के बाद खिलाडिय़ों की ओर से हिसाब नहीं देने की आदत पुरानी है। खिलाडिय़ों पर सात करोड़ का हिसाब 2018 से 30 सितंबर 2021 तक बनता है। 2018 से जून 2019 तक खिलाडिय़ों ने 64 लाख 54 हजार रुपये, एक जुलाई 2019 से 31 मार्च 2020 तक एक करोड़ 16 लाख 46 हजार रुपये, एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक एक करोड़ 93 लाख 53 हजार रुपये और एक अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2021 तक तीन करोड़ 25 लाख 58 हजार रुपये का हिसाब खिलाडिय़ों ने चुकता नहीं किया है।
विज्ञापन
एमओसी ने कहा चुकता करो हिसाब
मिशन ओलंपिक सेल की बैठक में जब इस मुद्दे को रखा गया तो सदस्यों ने निर्देश दिया कि खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द इस राशि का हिसाब चुकता करने को कहा जाए। अगर खिलाड़ी 31 जनवरी तक इस हिसाब को चुकता नहीं करते हैं तो उनकी आगे की जाने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया जाएगा।
कुछ शूटरों से सख्ती के बाद हुई थी रिकवरी
हिसाब नहीं देने वालों में कई बड़े नाम होने के चलते अब तक उन पर कड़ा दबाव नहीं बनाया जा सका, लेकिन खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द यूसी देने को कहा जा रहा है। रियो ओलंपिक के बाद भी कुछ शूटरों ने लाखों रुपयों का हिसाब नहीं दिया था। कुछ सालों तक मामला लटकने के बाद खिलाडिय़ों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया गया।
उनसे कहा गया कि अगर वह हिसाब नहीं देंगे तो उनके सरकारी संस्थानों से मिलने वाले वेतन से इसमें कटौती की जाएगी। इसके बाद एक शूटर ने लाखों के बकाए को चुकता किया था।
टोक्यो ओलंपिक से पहले टॉप्स में शामिल खिलाड़ी
कोर ग्रुप-225
डेवलपमेंटल ग्रुप-251
कोर ग्रुप में सर्वाधिक खिलाड़ी
पुरुष, महिला हॉकी टीम-58
एथलेटिक्स-34
शूटिंग-16
2016 से 2021 तक टॉप्स के तहत खिलाडिय़ों पर खर्च
18 ओलंपिक और पैरा खेलों में 78.13 करोड़, सात खेलों के 32 खिलाडिय़ों पर 44.41 करोड़
विज्ञापन
मिशन ओलंपिक सेल ने इन खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द धनराशि के प्रयोग के बदले यूटिलाइजेशन सर्टीफिकेट (यूसी) उपलब्ध कराने को कहा है। अगर 31 जनवरी तक खिलाडिय़ों ने हिसाब नहीं दिया तो उन्हें तैयारियों के लिए दी जाने वाली आगे की आर्थिक मदद को बंद कर दी जाएगी। ओलंपिक की तैयारियों के लिए कुछ शूटर और खिलाड़ी तो ऐसे हैं जिन्हें एक करोड़ रुपये से भी अधिक की मदद की गई है।
विज्ञापन
टॉप्स से मदद पाने के बाद खिलाडिय़ों की ओर से हिसाब नहीं देने की आदत पुरानी है। खिलाडिय़ों पर सात करोड़ का हिसाब 2018 से 30 सितंबर 2021 तक बनता है। 2018 से जून 2019 तक खिलाडिय़ों ने 64 लाख 54 हजार रुपये, एक जुलाई 2019 से 31 मार्च 2020 तक एक करोड़ 16 लाख 46 हजार रुपये, एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक एक करोड़ 93 लाख 53 हजार रुपये और एक अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2021 तक तीन करोड़ 25 लाख 58 हजार रुपये का हिसाब खिलाडिय़ों ने चुकता नहीं किया है।
विज्ञापन
एमओसी ने कहा चुकता करो हिसाब
मिशन ओलंपिक सेल की बैठक में जब इस मुद्दे को रखा गया तो सदस्यों ने निर्देश दिया कि खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द इस राशि का हिसाब चुकता करने को कहा जाए। अगर खिलाड़ी 31 जनवरी तक इस हिसाब को चुकता नहीं करते हैं तो उनकी आगे की जाने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया जाएगा।
कुछ शूटरों से सख्ती के बाद हुई थी रिकवरी
हिसाब नहीं देने वालों में कई बड़े नाम होने के चलते अब तक उन पर कड़ा दबाव नहीं बनाया जा सका, लेकिन खिलाडिय़ों से जल्द से जल्द यूसी देने को कहा जा रहा है। रियो ओलंपिक के बाद भी कुछ शूटरों ने लाखों रुपयों का हिसाब नहीं दिया था। कुछ सालों तक मामला लटकने के बाद खिलाडिय़ों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया गया।
उनसे कहा गया कि अगर वह हिसाब नहीं देंगे तो उनके सरकारी संस्थानों से मिलने वाले वेतन से इसमें कटौती की जाएगी। इसके बाद एक शूटर ने लाखों के बकाए को चुकता किया था।
टोक्यो ओलंपिक से पहले टॉप्स में शामिल खिलाड़ी
कोर ग्रुप-225
डेवलपमेंटल ग्रुप-251
कोर ग्रुप में सर्वाधिक खिलाड़ी
पुरुष, महिला हॉकी टीम-58
एथलेटिक्स-34
शूटिंग-16
2016 से 2021 तक टॉप्स के तहत खिलाडिय़ों पर खर्च
18 ओलंपिक और पैरा खेलों में 78.13 करोड़, सात खेलों के 32 खिलाडिय़ों पर 44.41 करोड़