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'एशियन गेम्स के पदक नए भारत की ताकतवर तस्वीर': पीएम मोदी के संवाद की 15 बड़ी बातें; बेटियों की जमकर की सराहना
Thu, 15 Oct 2026 06:11 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 15 Oct 2026 06:11 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं और खिलाड़ियों से संवाद कर उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां नए भारत की सशक्त तस्वीर हैं। पीएम ने महिला एथलीट्स के योगदान को खास तौर पर सराहा और खेलों में भारत की बढ़ती भागीदारी का जिक्र किया। आइए पीएम के संवाद की 15 बड़ी बातें जानते हैं...
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पीएम मोदी का खिलाड़ियों से संवाद
- फोटो : ANI
विस्तार
एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे मौजूद रहीं। इस दौरान पीएम ने खिलाड़ियों को संबोधित किया और एशियाड में उनके प्रदर्शन की सराहना की।
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एशियाड दल से पीएम मोदी की मुलाकात
- फोटो : IANS
पीएम का एशियाड दल से संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन को सराहते हुए खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती ताकत, युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों, महिला एथलीट्स के योगदान और सरकार की खेल योजनाओं का जिक्र किया। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए और मजबूती से तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के सपने बड़े हैं और उन्हें पूरा करने का दमखम भी देश के पास है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'सपने एक दिन में पूरे नहीं होते। इसमें वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है।' उन्होंने खेलों में भारत की नई पहचान बनाने, नए चैंपियन तैयार करने और नए रिकॉर्ड बनाने का संकल्प भी दिलाया। पीएम मोदी के खिलाड़ियों से संवाद की 15 बड़ी बातें यहां पढ़ें...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन को सराहते हुए खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती ताकत, युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों, महिला एथलीट्स के योगदान और सरकार की खेल योजनाओं का जिक्र किया। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए और मजबूती से तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के सपने बड़े हैं और उन्हें पूरा करने का दमखम भी देश के पास है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'सपने एक दिन में पूरे नहीं होते। इसमें वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है।' उन्होंने खेलों में भारत की नई पहचान बनाने, नए चैंपियन तैयार करने और नए रिकॉर्ड बनाने का संकल्प भी दिलाया। पीएम मोदी के खिलाड़ियों से संवाद की 15 बड़ी बातें यहां पढ़ें...
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एशियाड दल से पीएम मोदी की मुलाकात
- फोटो : IANS
1. 'आप सभी के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है'
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे, युवा एथलीट्स, कोच...आप सभी के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है। इतने सारे पदकवीर और उन सबको एक साथ मिलना ये कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत सुख अहसास होता है।' उन्होंने कहा कि युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जब जुनून जीत में बदलता है, तो वह मेडल्स के साथ-साथ चेहरे की चमक भी बदलता है और देश तो चमकता ही है।
2. 'महिला हॉकी टीम ने 44 साल लंबे इंतजार को खत्म किया'
प्रधानमंत्री ने एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को यादगार बताया। उन्होंने कहा, 'इस बार एशियाड कई मायनों में यादगार रहे। हमारे हॉकी की दोनों टीमों ने इस बार गोल्ड मेडल जीता। खासकर हमारी महिला हॉकी टीम ने गोल्ड लाकर 44 साल लंबे इंतजार को खत्म किया है।' उन्होंने बताया कि क्रिकेट में भारत की दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता और अपना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। कबड्डी में भी दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि तीरंदाजी में भारत को पांच गोल्ड मिले।
3. '85 मेडल में 38 हमारी महिला एथलीट्स ने जीते'
पीएम मोदी ने महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी बेटियों का खासतौर पर सराहना करना चाहता हूं। भारत ने 85 मेडल जीते हैं, उनमें से 38 मेडल हमारी महिला एथलीट्स ने जीते हैं। इनमें 11 गोल्ड मेडल शामिल हैं।' उन्होंने कहा, 'ये मेडल केवल एक संख्या नहीं है, ये नए भारत की सशक्त तस्वीर है।'
4. 'कई खेलों में पहली बार मेडल जीतकर इतिहास रचा'
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें एशियाई खेलों के इतिहास में पहले कभी देश को मेडल नहीं मिला था। उन्होंने कहा, 'आज भारत ऐसे खेलों में भी मेडल जीतता रहा है, जिनमें एशियाड के इतिहास में पहले कभी मेडल नहीं मिला। एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग के कुछ इवेंट्स में मेडल जीतकर इतिहास रचा है।' पीएम मोदी ने शूटिंग और बॉक्सिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
5. पीएम ने दिलाए संकल्प
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को आने वाले वर्षों के लिए नए संकल्प दिलाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इन संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है:
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे, युवा एथलीट्स, कोच...आप सभी के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है। इतने सारे पदकवीर और उन सबको एक साथ मिलना ये कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत सुख अहसास होता है।' उन्होंने कहा कि युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जब जुनून जीत में बदलता है, तो वह मेडल्स के साथ-साथ चेहरे की चमक भी बदलता है और देश तो चमकता ही है।
2. 'महिला हॉकी टीम ने 44 साल लंबे इंतजार को खत्म किया'
प्रधानमंत्री ने एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को यादगार बताया। उन्होंने कहा, 'इस बार एशियाड कई मायनों में यादगार रहे। हमारे हॉकी की दोनों टीमों ने इस बार गोल्ड मेडल जीता। खासकर हमारी महिला हॉकी टीम ने गोल्ड लाकर 44 साल लंबे इंतजार को खत्म किया है।' उन्होंने बताया कि क्रिकेट में भारत की दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता और अपना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। कबड्डी में भी दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि तीरंदाजी में भारत को पांच गोल्ड मिले।
3. '85 मेडल में 38 हमारी महिला एथलीट्स ने जीते'
पीएम मोदी ने महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी बेटियों का खासतौर पर सराहना करना चाहता हूं। भारत ने 85 मेडल जीते हैं, उनमें से 38 मेडल हमारी महिला एथलीट्स ने जीते हैं। इनमें 11 गोल्ड मेडल शामिल हैं।' उन्होंने कहा, 'ये मेडल केवल एक संख्या नहीं है, ये नए भारत की सशक्त तस्वीर है।'
4. 'कई खेलों में पहली बार मेडल जीतकर इतिहास रचा'
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें एशियाई खेलों के इतिहास में पहले कभी देश को मेडल नहीं मिला था। उन्होंने कहा, 'आज भारत ऐसे खेलों में भी मेडल जीतता रहा है, जिनमें एशियाड के इतिहास में पहले कभी मेडल नहीं मिला। एमएमए, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग के कुछ इवेंट्स में मेडल जीतकर इतिहास रचा है।' पीएम मोदी ने शूटिंग और बॉक्सिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
5. पीएम ने दिलाए संकल्प
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को आने वाले वर्षों के लिए नए संकल्प दिलाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इन संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है:
- हर मैदान पर तिरंगे की शान
- खेलों में भारत की नई पहचान
- हर खेल में नए चैंपियन
- हमारे नाम और नए रिकॉर्ड्स
- पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से इन संकल्पों को पूरा करने के लिए कहा, जिस पर उन्हें 'वी विल डू इट' कहना था।
एशियाड दल से पीएम मोदी की मुलाकात
- फोटो : IANS
6. 'सपने एक दिन में पूरे नहीं होते'
पीएम मोदी ने खेलों में सफलता के लिए धैर्य और निरंतर मेहनत को जरूरी बताया। उन्होंने कहा, 'सपने एक दिन में पूरे नहीं होते। इसमें वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है।' उन्होंने कहा कि भारत ने भी बीते 12 वर्षों में बहुत धैर्य के साथ अपने स्पोर्ट्स कल्चर पर काम किया है। पहले गिने-चुने मेडल आते थे और कई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व तक नहीं होता था। प्रधानमंत्री ने कहा, 'अब सोचिए जब हम कम्पीट ही नहीं करेंगे तो मेडल कहां से लाएंगे। हमने संकल्प लिया कि हम इस निराशावादी मानसिकता को हटाएंगे। इसका नतीजा यह हुआ कि हर खेल में हमारा प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है।'
7. 'टॉप्स स्कीम और खेलो इंडिया से खिलाड़ियों को मिल रहा बढ़ावा'
प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में निरंतर प्रयास किए गए और दूरगामी विजन के साथ काम हुआ। उन्होंने कहा, 'जैसे कि आप सब जानते हैं, हमने टॉप्स स्कीम और खेलो इंडिया शुरू किया। खेलो इंडिया के लिए हमने 36 हजार से ज्यादा एलोकेट किए। आज देश में 1000 से ज्यादा खेलो इंडिया सेंटर बनाए गए हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि टॉप्स स्कीम के तहत खिलाड़ियों को हर महीने 50 हजार रुपये मिल रहे हैं। यदि किसी खेल में कोचिंग के लिए विदेश जाने की जरूरत होती है, तो सरकार आर्थिक सहायता भी देती है।
8. 'हर खिलाड़ी को भरोसा होता है कि देश उसके साथ है'
पीएम मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के लिए विंटर गेम्स और सांसद खेल प्रतियोगिता शुरू की गई हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी बेहतर खेल सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आज हर खिलाड़ी को भरोसा होता है कि देश उसके साथ है। जब खिलाड़ी को यह भरोसा होता है, तो वह देश के लिए क्या कर दिखाता है, इसके आप उदाहरण हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों में 15 से 17 साल की उम्र के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा, 'ये दिखाता है कि सफलता के लिए उम्र कोई बंदिश नहीं होती।'
9. 'गांव-गांव जाकर खिलाड़ियों को तलाशा जा रहा है'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में हजारों नए खिलाड़ियों को खेलो इंडिया के माध्यम से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, 'इसलिए हमने टैलेंट हंट की बात कही थी। गांव गांव जाकर खिलाड़ियों को तलाशा जा रहा है और उन्हें तराशा भी जा रहा है। हमारे सपने बड़े हैं और संकल्प भी बड़े हैं। इसे पूरा करने का दमखम भी हमारे पास है।'
10. 'देश की बदलती ऊर्जा'
पीएम मोदी ने भारत को खेलों में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करने का भरोसा जताया। उन्होंने एशियन गेम्स में भारतीय दल की सफलता को देश के बदलते मिजाज का उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि देश का युवा हर बुलंदी को छूने के लिए उतारू है और ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है, जो युवा शक्ति के सामर्थ्य के बाहर हो।
पीएम मोदी ने खेलों में सफलता के लिए धैर्य और निरंतर मेहनत को जरूरी बताया। उन्होंने कहा, 'सपने एक दिन में पूरे नहीं होते। इसमें वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है।' उन्होंने कहा कि भारत ने भी बीते 12 वर्षों में बहुत धैर्य के साथ अपने स्पोर्ट्स कल्चर पर काम किया है। पहले गिने-चुने मेडल आते थे और कई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व तक नहीं होता था। प्रधानमंत्री ने कहा, 'अब सोचिए जब हम कम्पीट ही नहीं करेंगे तो मेडल कहां से लाएंगे। हमने संकल्प लिया कि हम इस निराशावादी मानसिकता को हटाएंगे। इसका नतीजा यह हुआ कि हर खेल में हमारा प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है।'
7. 'टॉप्स स्कीम और खेलो इंडिया से खिलाड़ियों को मिल रहा बढ़ावा'
प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में निरंतर प्रयास किए गए और दूरगामी विजन के साथ काम हुआ। उन्होंने कहा, 'जैसे कि आप सब जानते हैं, हमने टॉप्स स्कीम और खेलो इंडिया शुरू किया। खेलो इंडिया के लिए हमने 36 हजार से ज्यादा एलोकेट किए। आज देश में 1000 से ज्यादा खेलो इंडिया सेंटर बनाए गए हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि टॉप्स स्कीम के तहत खिलाड़ियों को हर महीने 50 हजार रुपये मिल रहे हैं। यदि किसी खेल में कोचिंग के लिए विदेश जाने की जरूरत होती है, तो सरकार आर्थिक सहायता भी देती है।
8. 'हर खिलाड़ी को भरोसा होता है कि देश उसके साथ है'
पीएम मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के लिए विंटर गेम्स और सांसद खेल प्रतियोगिता शुरू की गई हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी बेहतर खेल सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आज हर खिलाड़ी को भरोसा होता है कि देश उसके साथ है। जब खिलाड़ी को यह भरोसा होता है, तो वह देश के लिए क्या कर दिखाता है, इसके आप उदाहरण हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों में 15 से 17 साल की उम्र के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा, 'ये दिखाता है कि सफलता के लिए उम्र कोई बंदिश नहीं होती।'
9. 'गांव-गांव जाकर खिलाड़ियों को तलाशा जा रहा है'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में हजारों नए खिलाड़ियों को खेलो इंडिया के माध्यम से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, 'इसलिए हमने टैलेंट हंट की बात कही थी। गांव गांव जाकर खिलाड़ियों को तलाशा जा रहा है और उन्हें तराशा भी जा रहा है। हमारे सपने बड़े हैं और संकल्प भी बड़े हैं। इसे पूरा करने का दमखम भी हमारे पास है।'
10. 'देश की बदलती ऊर्जा'
पीएम मोदी ने भारत को खेलों में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करने का भरोसा जताया। उन्होंने एशियन गेम्स में भारतीय दल की सफलता को देश के बदलते मिजाज का उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि देश का युवा हर बुलंदी को छूने के लिए उतारू है और ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है, जो युवा शक्ति के सामर्थ्य के बाहर हो।
एशियाड दल से पीएम मोदी की मुलाकात
- फोटो : IANS
11. 'खेलों से जुड़े प्रोफेशन में भी नए अवसर बन रहे हैं'
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए देश की व्यवस्थाएं मजबूत हुई हैं। खेलों में अवसर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे जुड़े दूसरे पेशे भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास सिर्फ खेलने वाले खिलाड़ियों तक सिमित नहीं है। कोचिंग फीजियोथेरेपी में भी नए अवसर बन रहे हैं। खेलों के साथ साथ इससे जुड़े प्रोफेशन भी आगे बढ़ रहे हैं।' पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि अपनी सफलता के लिए मेहनत करने के साथ-साथ उन्हें नई पीढ़ी को गढ़ने की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
12. 'अपने गांव और शहर के बच्चों से मिलिए'
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के साथ खिलाड़ियों को उन बच्चों की मदद भी करनी चाहिए, जो खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब समय मिले अपने गांव अपने शहर के बच्चों से मिलिए। आपने अनुभव उन बच्चों के बहुत काम आ सकते हैं। आपकी छोटी सी बात उन्हें खेलों में आगे बढ़ने का मौका दे सकती है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को सिर्फ प्रतिस्पर्धा की प्रेरणा नहीं देते, बल्कि जीवन में अनुशासन और हार से उबरकर जीतने की सीख भी देते हैं।
13. 'जो खेलेगा वो खिलेगा'
प्रधानमंत्री ने खेलों को जीवन का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि खेलों से मिलने वाली स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जीवनभर काम आती है। उन्होंने कहा, 'खेल हमें जीवन में अनुशासन सिखाते हैं, हार से जीतने की सीख खेलों से मिलती है। एक समय तक लक्ष्य के लिए नियमित रहना है, स्पोर्ट्स हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है। यही स्पोर्ट्स मैन स्पिरिट जीवन भर काम आती है।' पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'जो खेलेगा वो खिलेगा। आप भी खेलते रहिए, खिलते रहिए, आने वाले प्रतियोगिताओं के लिए आप सभी को अनेक अनेक शुभकामनाएं।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए देश की व्यवस्थाएं मजबूत हुई हैं। खेलों में अवसर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे जुड़े दूसरे पेशे भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास सिर्फ खेलने वाले खिलाड़ियों तक सिमित नहीं है। कोचिंग फीजियोथेरेपी में भी नए अवसर बन रहे हैं। खेलों के साथ साथ इससे जुड़े प्रोफेशन भी आगे बढ़ रहे हैं।' पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से कहा कि अपनी सफलता के लिए मेहनत करने के साथ-साथ उन्हें नई पीढ़ी को गढ़ने की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
12. 'अपने गांव और शहर के बच्चों से मिलिए'
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के साथ खिलाड़ियों को उन बच्चों की मदद भी करनी चाहिए, जो खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब समय मिले अपने गांव अपने शहर के बच्चों से मिलिए। आपने अनुभव उन बच्चों के बहुत काम आ सकते हैं। आपकी छोटी सी बात उन्हें खेलों में आगे बढ़ने का मौका दे सकती है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को सिर्फ प्रतिस्पर्धा की प्रेरणा नहीं देते, बल्कि जीवन में अनुशासन और हार से उबरकर जीतने की सीख भी देते हैं।
13. 'जो खेलेगा वो खिलेगा'
प्रधानमंत्री ने खेलों को जीवन का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि खेलों से मिलने वाली स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जीवनभर काम आती है। उन्होंने कहा, 'खेल हमें जीवन में अनुशासन सिखाते हैं, हार से जीतने की सीख खेलों से मिलती है। एक समय तक लक्ष्य के लिए नियमित रहना है, स्पोर्ट्स हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है। यही स्पोर्ट्स मैन स्पिरिट जीवन भर काम आती है।' पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, 'जो खेलेगा वो खिलेगा। आप भी खेलते रहिए, खिलते रहिए, आने वाले प्रतियोगिताओं के लिए आप सभी को अनेक अनेक शुभकामनाएं।'
एशियाड दल से पीएम मोदी की मुलाकात
- फोटो : IANS
14. 'युवाओं के सामर्थ्य के बाहर कोई लक्ष्य नहीं'
पीएम मोदी ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की सफलता दिखाती है कि देश का युवा बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा, 'आपका यह उत्साह, ये आत्मविश्वास नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। इसी आत्मविश्वास के साथ हमें भारत को नई बुलंदियों तक पहुंचाना है।' प्रधानमंत्री ने युवाओं के सामर्थ्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश का युवा अपनी तकदीर खुद तय कर रहा है। उन्होंने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी जिक्र किया।
15. 'विकसित भारत 2047- वी विल डू इट'
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विकसित भारत के लक्ष्य और देश की विभिन्न प्राथमिकताओं का जिक्र किया। उन्होंने खिलाड़ियों के सामने भविष्य के लिए कई संकल्प रखे, जिनमें शामिल हैं:
पीएम मोदी ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की सफलता दिखाती है कि देश का युवा बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा, 'आपका यह उत्साह, ये आत्मविश्वास नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। इसी आत्मविश्वास के साथ हमें भारत को नई बुलंदियों तक पहुंचाना है।' प्रधानमंत्री ने युवाओं के सामर्थ्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश का युवा अपनी तकदीर खुद तय कर रहा है। उन्होंने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी जिक्र किया।
15. 'विकसित भारत 2047- वी विल डू इट'
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विकसित भारत के लक्ष्य और देश की विभिन्न प्राथमिकताओं का जिक्र किया। उन्होंने खिलाड़ियों के सामने भविष्य के लिए कई संकल्प रखे, जिनमें शामिल हैं:
- विकसित भारत 2047
- दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत
- आत्मनिर्भर भारत
- ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
- टेक्नोलॉजी में भारत की लीडरशिप
- नए खेलों में मेडल
- पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को नई बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए इसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है।