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Year Ender: गुकेश की जीत से विश्व शतरंज की महाशक्ति के रूप में उभरा भारत, ओलंपियाड में छह स्वर्ण रहे ऐतिहासिक
Thu, 26 Dec 2024 09:27 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 26 Dec 2024 09:27 AM IST
सार
वर्ष 2024 भारतीय शतरंज के उत्थान का रहा जिसका खाका खुद आनंद ने तैयार किया। गैरी कास्पारोव के मुताबिक, ‘विशी के लड़ाके’ बेखौफ और महत्वाकांक्षी युवा हैं जिनके पास चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में अब एक नया रोलमॉडल है।
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बाएं से- वंतिका, एरिगेसी, दिव्या और गुकेश
- फोटो : Twitter
विस्तार
चेहरे पर जीत की चमक लिए दोनों बाजू खोलकर मुस्कुराते हुए डी गुकेश की तस्वीर एक अरब से अधिक भारतवासियों की यादों में हमेशा के लिए चस्पा हो गई। सिंगापुर में विश्व शतरंज चैंपियनशिप मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को हराने के ठीक बाद खींची गई तस्वीरें विश्वनाथन आनंद के दौर के बाद विश्व शतरंज के मानचित्र में भारत के बढ़ते कद की गवाह हैं।
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डी गुकेश विश्व चैंपियन बनने के बाद
- फोटो : PTI
वर्ष 2024 भारतीय शतरंज के उत्थान का रहा जिसका खाका खुद आनंद ने तैयार किया। गैरी कास्पारोव के मुताबिक, ‘विशी के लड़ाके’ बेखौफ और महत्वाकांक्षी युवा हैं जिनके पास चेन्नई के 18 वर्ष के गुकेश के रूप में अब एक नया रोलमॉडल है। गुकेश शतरंज के इतिहास में सबसे युवा विश्व चैंपियन बने। इस सफर की शुरूआत अप्रैल में फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के जरिये हुई। वह टूर्नामेंट जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने और इसके साथ ही 32 वर्ष के लिरेन के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में भी जगह बनाई।
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डी गुकेश जीत के बाद भावुक हो गए
- फोटो : PTI
इसके बाद 14 दौर के खिताबी मुकाबले से पहले ही गुकेश को प्रबल दावेदार माना जा रहा था जिससे दबाव बनना लाजमी था। तीसरे, 11वें और 14वें दौर में जीत दर्ज करके गुकेश ने विश्व चैंपियन का खिताब जीता। पूरे देश की उम्मीदों के बोझ का डटकर सामना करते हुए गुकेश ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। इसका श्रेय उनके सहयोगी स्टाफ को भी जाता है जिसमें भारत में शतरंज की क्रांति का सूत्रपात करने वाले आनंद और मशहूर मानसिक अनुकूलन कोच पैडी अपटन शामिल थे।
प्रज्ञानंद और एरिगेसी के बीच मुकाबले का आनंद लेते पीएम मोदी
- फोटो : PTI
गुकेश की जीत से पहले सितंबर में बुडापेस्ट में भारत ने शतरंज ओलंपियाड में टीम और व्यक्तिगत वर्ग में छह स्वर्ण पदक जीते। पुरूष टीम फाइनल में भारत ने स्लोवेनिया को और महिला वर्ग में अजरबैजान को हराया। एक ही ओलंपियाड में महिला और पुरूष दोनों खिताब जीतने वाले दूसरे दो देश चीन और पूर्व सोवियत संघ हैं। व्यक्तिगत वर्ग में गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीते।
चेस ओलंपियाड में स्वर्ण जीतने के बाद भारतीय पुरुष और महिला टीम
चेस ओलंपियाड में स्वर्ण जीतने के बाद भारतीय पुरुष और महिला टीम
चेस ओलंपियाड जीतने वाली पुरुष टीम
- फोटो : Twitter
पिछले साल 2500 ईएलओ रेटिंग पार करने वाले ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद और आर वैशाली कैंडिडेट्स में खेलने वाली भाई बहन की पहली जोड़ी रही। ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल करने वाले भी वे पहले भाई बहन हैं। प्रज्ञानंद ने मई में नॉर्वे शतरंज में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को उनकी ही धरती पर क्लासिकल प्रारूप में हराया।
चेस ओलंपियाड जीतने वाली महिला टीम
- फोटो : Twitter
एरिगैसी 2800 ईएलओ रेटिंग अंक पार करने वाले आनंद के बाद दूसरे भारतीय बने। वह इस समय कार्लसन (2831), फेबियानो कारूआना (2805) और हिकारू नकामूरा (2802) के बाद 2801 अंक लेकर चौथे स्थान पर हैं। भारत फिडे टीम रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैंं। भारत में 64 ग्रैंडमास्टर हैं और उनमें से अधिकांश 25 वर्ष से कम के हैं। ये फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंडस्लैम टूर, फिडे महिला जीपी, फिडे महिला विश्व कप और एशियाई चैम्पियनशिप में अगले साल चुनौती पेश करेंगे। लिहाजा पिक्चर अभी बाकी है।