जीत की जिद, मैट पर मददगार : विनेश
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने खुद को जिद्दी बताते हुए कहा कि अगर इससे मैट पर सफलता मिलती है तो फिर खुद को अड़ियल कहे जाने पर उन्हें कोई शिकायत नहीं है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला पहलवान विनेश ने कहा, बचपन से जिद्दी हूं।
उनसे जब अड़ियल होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हां लोग कहते हैं कि मैं अड़ियल हूं लेकिन मुझे पता है मैं कैसी हूं। अगर मैट पर मदद मिलती है तो फिर मैं ज्यादा चिंता नहीं करती हूं।'
हाल ही में शादी करने वाली विनेश इस बात को गलत साबित करना चाहती है कि शादी के बाद महिलाओं का करियर प्रभावित होता है। उन्होंने कॅरिअर को आगे बढ़ने में पति सोमवीर के साथ की तारीफ करते हुए कहा, 'अब ओलंपिक सबसे बड़ी प्रतियोगिता है और सोमवीर मेरा पूरा समर्थन कर रहे हैं।'
भारत जीत सकता है ओलंपिक में दो-तीन पदक
राष्ट्रमंडल खेलों की 24 साल की चैंपियन विनेश पहली भारतीय खिलाड़ी हैं जिनका नामांकन लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड के लिए नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय पहलवानों की सोच में बदलाव आया है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा, ‘ मुझे लगता है भारत के पास 4-5 मजबूत दावेदार हैं जो दुनिया के किसी पहलवान को हरा सकते हैं। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहती लेकिन हम दो-तीन ओलंपिक पदक जीत सकते हैं। सोच में बदलाव आया है।’