Tokyo Olympics: टोक्यो एयरपोर्ट पर बिना खाना-पानी के खिलाड़ी कर रहे घंटों इंतजार
आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने ओलंपिक जाने वाले भारतीय एथलीटों को टोक्यो एयर पोर्ट पर होने होने वाली परेशानियों से अवगत कराया है। उनका कहना है कि कोरोना की वजह से जांच में देर हो सकती है और ऐसे में एथलीटों को टोक्यो एयर पोर्ट पर 5-6 घंटे इंतजार करना पड़ सकता है।
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भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने ओलंपिक जाने वाले खिलाड़ियों को ताजा चिंताओं से अवगत कराते हुए कहा कि उन्हें टोक्यो पहुंचने पर लंबे समय खाना और पानी के बिना आप्रवास में इंतजार करना पड़ सकता है।
बत्रा को भारतीय दल प्रमुख बी पी बैश्य ने दूसरे देशों के खिलाड़ियों को टोक्यो पहुंचने पर हो रही परेशानियों से अवगत कराया। उन्होंने भारतीय दल की रवानगी से पहले खेलों के आयोजकों के सामने यह मसला उठाया। बत्रा ने एक बयान में कहा, ‘दल प्रमुख ने नौ जुलाई को मुझे इसकी जानकारी दी। चेक गणराज्य समेत विभिन्न देशों ने बैठक में इसी मसले को उठाया। आप्रवास की प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। परिवहन की व्यवस्था होने तक तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। खाने और पीने की भी सुविधा नहीं थी। जर्मनी ने यह भी कहा कि वालिंटियर भी उपलब्ध नहीं है।’ आयोजकों ने कहा, ‘ आयोजन समिति इन मसलों पर गौर करेगी और सरकार के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगी कि ऐसा दोबारा नहीं हो।’
17 को रवाना होगा पहला दल
भारतीयों का पहला दल 17 जुलाई को टोक्यो रवाना होगा। भारत के 120 से अधिक खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है। बत्रा ने कहा, ‘मैं आपसे यह सब साझा कर रहा हूं ताकि आप मानसिक रूप से तैयार रहें। ये खेल अति असाधारण हालात में कराए जा रहे हैं और हमें हर हालात का मुस्कुराकर सामना करना है। जापान के साथ सहयोग करना है।’
पांच-छह घंटे करना होगा इंतजार
बैश्य ने कहा कि यह तो तय है कि खिलाड़ियों को टोक्यो पहुंचने पर पांच से छह घंटे इंतजार करना होगा। आगमन पर सबसे पहले कोरोना जांच होगी । इसके बाद आप्रवास और अन्य मंजूरियां लेनी होंगी । कोरोना जांच का नतीजा आने के बाद ही भारतीय दल बस में बैठ सकेगा ।’ भारतीय सेलिंग टीम सबसे पहले 17 जुलाई को रवाना होगी। भारोत्तोलक मीराबाई चानू 15 या 16 जुलाई को अमेरिका से बस से पहुंचेगी। अमेरिका से आने के कारण उन्हें कोई परेशानी नहीं आएगी।
उन्होंने कहा, आप्रवास की प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। परिवहन की व्यवस्था होने तक तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। खाने और पीने की भी सुविधा नहीं थी। बयान में कहा गया,जर्मनी ने यह भी कहा कि वालिंटियर भी उपलब्ध नहीं है।भारतीयों का पहला दल 17 जुलाई को टोक्यो रवाना होगा। भारत के 120 से अधिक खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है।
बत्रा ने कहा, मैं आपसे यह सब साझा कर रहा हूं ताकि आप मानसिक रूप से तैयार रहें। ये खेल अति असाधारण हालात में कराये जा रहे हैं और हमें हर हालात का मुस्कुराकर सामना करना है, जापान के साथ सहयोग करना है। आयोजकों ने कहा, आयोजन समिति इन मसलों पर गौर करेगी और सरकार के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगी कि ऐसा दोबारा नहीं हो।
बैश्य ने कहा कि खिलाड़ियों को आप्रवास, जांच और अन्य मंजूरियों के लिये हवाई अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, टोक्यो में जिन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, हमने उनसे अवगत करा दिया है, आयोजकों ने उन्हें दूर करने का वादा किया है, लेकिन यह तो तय है कि खिलाड़ियों को टोक्यो पहुंचने पर पांच से छह घंटे इंतजार करना होगा। उन्होंने आगे कहा, आगमन पर सबसे पहले कोरोना जांच होगी, इसके बाद आप्रवास और अन्य मंजूरियां लेनी होंगी, कोरोना जांच का नतीजा आने के बाद ही भारतीय दल बस में बैठ सकेगा।