'अगले साल के लिए भी टाला जा सकता है टोक्यो ओलंपिक 2020'
विश्व एथलेटिक्स के प्रमुख सेबेस्टियन को ने गुरुवार को स्वीकार किया कि कोरोनो वायरस के प्रकोप की वजह से टोक्यो ओलंपिक को अगले साल के लिए टाला जा सकता है, लेकिन इसको लेकर अभी निश्चित निर्णय लेना जल्दबाजी होगी।
सेबेस्टियन को ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'टोक्यो ओलंपिक में देरी हो सकती है। क्या ओलंपिक सितंबर या अक्तूबर में हो सकता है? इस सवाल के जवाब में एथलेटिक्स प्रमुख ने कहा, हां यह संभव है और इस वक्त कुछ भी हो सकता है।'
बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से यूरो 2020 के अगले साल तक के लिए टाल दिया गया है। इसके अलावा स्पोर्ट्स के कई सारे इवेंट को रद्द और स्थगित कर दिए गए हैं।इस महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा कर रख दिया है। इस खतरनाक वायरस की वजह से विश्व में अब तक 8000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं।
आईओए को भी उम्मीद तय समय पर होंगे ओलंपिक
कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने आईओसी के इस बयान का समर्थन किया कि टोक्यो ओलंपिक बिना किसी परेशानी के समय (24 जुलाई) पर शुरू होंगे।
आईओए के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा,‘कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर रखी है लेकिन हमें उम्मीद है कि एक या दो महीने में इस पर काबू पा लिया जाएगा। इस बीमारी के केंद्र में रहे चीन में इस पर नियंत्रण पा लिया गया है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि ओलंपिक बिना किसी बाधा के सही समय पर शुरू होंगे। लेकिन आईओसी हमारी सर्वोच्च संस्था है। वह जो भी फैसला करेगी हमें उसका पालन करना होगा। अगर आईओसी कहती है कि ओलंपिक होंगे तो फिर कोई भी परेशानी हो हमें उनमें भाग लेना होगा।’
प्रभावित हुई हैं तैयारियां
आईओए ने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस के कारण उनकी तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हुई है। अगर ओलंपिक खेल होते हैं तो अब भी उसे दस या इससे अधिक पदक जीतने की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा,‘हां, यह सही है कि हमारी तैयारियां प्रभावित हुई हैं क्योंकि कोरोना वायरस के कारण कई ओलंपिक क्वालिफायर, परीक्षण प्रतियोगिताएं और विदेशों में लगने वाले अभ्यास शिविर स्थगित या रद्द कर दिए गए हैं। लेकिन ऐसा भारत के साथ ही नहीं हुआ है। प्रत्येक देश इस तरह की स्थिति का सामना कर रहा है। इसलिए भाग लेने वाले प्रत्येक देश पर इसका बराबर प्रभाव पड़ा है। इसलिए हमें अब भी टोक्यो खेलों से दस या इससे अधिक पदकों की उम्मीद है।’