ओलंपिक में पहली बार खुलेगा ‘इंडिया हाउस’
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पाकिस्तान और कोसोवो को वीजा नहीं देने के बाद अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में बनी देश को छवि निखारने को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अनोखा बीड़ा उठाने जा रहा है। टोक्यो ओलंपिक के दौरान आईओए की ओर से इंडिया हाउस खोला जा रहा है।
ओलंपिक के इतिहास में यह पहली बार होगा जब आईओए इस हाउस के जरिए भारतीय संस्कृति, कला, भोजन और योग का प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) के सदस्य देशों और सदस्यों को अपनी ओर रिझाएगा।
हाउस में भारतीय मेहमाननवाजी के अलावा भारत के ओलंपिक में प्रदर्शन और टीम इंडिया की आधिकारिक किट और परिधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। ओलंपिक में पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों का आईओए की ओर से विशेष सम्मान भी किया जाएगा।
ओलंपिक विलेज के निकट होगा हाउस
आईओए के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ने टोक्यो में इंडिया हाउस के लिए जगह तलाशने के साथ ही आयोजनकर्ताओं से भी बात कर ली है। यह हाउस ओलंपिक विलेज के बिल्कुल नजदीक होगा। आरिआके नामक स्थान खुलने वाले इंडिया हाउस के नजदीक चार खेलों के आयोजन स्थल भी होंगे।
मेहता कहते हैं यह बिल्कुल अलग तरह का प्रयोग है। हालांकि कई देश अपने देशों का हाउस 1992 से ओलंपिक के दौरान खोलते आ रहे हैं, लेकिन भारत की ओर से यह कदम पहली बार उठाया जा रहा है। इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।
आम लोगों के साथ विशेष अतिथि किए जाएंगे आमंत्रित : इंडिया हाउस में भारतीय खिलाड़ी तो आ ही सकेंगे साथ ही इसे सुबह के सत्र में आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इस दौरान योग का प्रदर्शन किया जाएगा। हाउस में देश की खेल उपलब्धियों से जुड़े साक्ष्यों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
शाम के सत्र में विभिन्न देशों के अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। दरअसल अमेरिका, फ्रांस और चीन जैसे देश बड़े खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए अपने हाउस खोलते हैं। इसका उन्हें फायदा भी मिलता है। रियो ओलंपिक के दौरान 32 देशों ने अपने हाउस खोले थे। भारत ने भी 2032 के ओलंपिक की मेजबानी का मन बना रखा है।