शूटिंग विश्व कप: संजीव-तेजस्वनि ने मिश्रित स्पर्धा और नीरज-स्वप्निल-चैन सिंह ने टीम 50 मीटर थ्री पोजीशन का स्वर्ण जीता
- 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में अनीष स्वर्ण जीतते तो मिलता ओलंपिक कोटा,
- विजयवीर रजत जीते पर हाथ से निकला कोटा
- टीम स्पर्धाओं में भारतीय बादशाहत जारी
विस्तार
भारतीय शूटरों ने विश्व कप में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा रखी है, लेकिन बात जब 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में दांव पर लगे टोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल करने की आई तो यहां अनीष भानवाल चूक गए। मानसा (पंजाब) के युवा शूटर विजयवीर सिद्धू दुर्भाग्यशाली रहे और शूट ऑफ में स्वर्ण पदक हासिल करने से रह गए। अनीष अगर यहां स्वर्ण जीतते तो उन्हें ओलंपिक कोटा मिल जाती और विजयवीर के हाथ स्वर्ण आता तो रैंकिंग अंक के आधार पर वह कोटा लेने की होड़ में शामिल हो जाते। वहीं टीम इवेंट में भारतीयों शूटरों ने शुक्रवार को भी अपना दबदबा कायम रखा। पहले संजीव राजपूत और तेजस्वनि सावंत ने 50 मीटर थ्री पोजीशन में मिश्रित स्पर्धा का और चैन सिंह, स्वप्निल कुसाले, नीरज कुमार ने इसी स्पर्धा में टीम का स्वर्ण अपने नाम किया। मिश्रित स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, सुनिधि चौहान ने कांस्य जीता।
कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शुक्रवार को सारी निगाहें 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पर थीं। भारतीय शूटरों ने अब तक 15 ओलंपिक कोटा हासिल किए हैं। यहां उन्हें 16वां कोटा मिलने के पूरे अवसर थे। विश्व में 12वीं रैंकिंग के अनीष को इसके लिए स्वर्ण जीतना था। क्वालिफाइंग में 579 का स्कोर कर पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता गुरप्रीत सिंह 581 के साथ तीसरे और विजयवीर 579 के स्कोर के साथ 2छठे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। छह शूटरों के फाइनल में अनीष और गुरप्रीत की शुरूआत बेहद खराब रही। गुरप्रीत सबसे पहले और उसके बाद अनीष फाइनल में बाहर हो गए। अनीष को कोटा हासिल करने के लिए स्वर्ण जीतना जरूरी था। पहला विश्व कप खेल रहे विजयवीर ने सभी को हैरान किया। वह पहली सीरीज से ही पहले और दूसरे स्थान पर रहे। अंतिम सीरीज में उन्होंने चार निशाने लगाए, लेकिन पहले स्थान पर चल रहे एस्टोनिया के पीटर ओलेस्क ने तीन निशाने लगा स्कोर 26-26 बराबर कर दिया। यहां दोनों के बीच शूट ऑफ हुआ। विजयवीर यहां भटक गए और 1 निशाना लगा पाए जबकि ओलेस्क ने चार निशाने लगा स्वर्ण जीत लिया। ओलेस्क अगर यूरोपियन चैंपियनशिप में अच्छा नहीं कर पाते हैं तो विजयवीर के ओलंपिक कोटा हासिल करने के हल्के अवसर भी हैं। पोलैंड के ऑस्कर मिलीवेक ने कांस्य जीता।
गगन को देख विजयवीर ने शुरू की शूटिंग
18 साल के विजयवीर ने 10 साल की उम्र में उस वक्त शूटिंग शुरू की जब उन्होंने एक इवेंट में गगन नारंग को टेलीविजन पर पदक जीतते देखा। उनके जुड़वां भाई उदयवीर भी शूटर हैं। विजयवीर के मुताबिक उसी वक्त उन्होंने सोच लिया था कि उन्हें शूटिंग करनी है। पहले उन्होंने एयरराइफल से शुरू किया, लेकिन उसमें उन्हें मजा नहीं आया। इसके बाद उन्होंने .22 पिस्टल में हाथ आजमाया और इसी को अपना लिया। विजयवीर शूटिंग के लिए मानसा को छोड़कर चंडीगढ़ में रहने लगे।
50 मीटर थ्री पोजीशन में भारत ने जीते दो स्वर्ण
व्यक्तिगत मुकाबलों में पदक से चूकने वाले ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके संजीव राजपूत और तेजस्वनि सावंत की जोड़ी ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन की मिश्रित स्पर्धा में कोई गलती नहीं की। उक्रेन के सेरी कुलिश और एना इलिना ने फाइनल में दोनों को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंत में संजीव और तेजस्वनि ने 31-29 से जीत हासिल की। कांस्य की लड़ाई में ऐश्वर्य प्रताप और सुनिधि ने अमेरिकी जोड़ी टिमोथी शेरी और वर्जीनिया थ्रेशर को 31-15 से परास्त किया। इसी स्पर्धा का टीम फाइनल हंगरी की टीम की आपसी लड़ाई के चलते कल रोक दिया गया था। आज हुए फाइनल में कुसाले, नीरज और चैन सिंह ने अमेरिकी निकोलस मोवरेर, पैट्रिक सैंडरमैन और टिमोथी शेरी को 47-25 से हराकर स्वर्ण जीता। ट्रैप में काइनन चेन्नई चौथे स्थान पर रहे।