फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Story Of Terrorist Attacks Of 1972 Munich Olympics

जब ओलंपिक के बीच आतंकियों ने खेला खूनी खेल

Tue, 02 Aug 2016 05:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 02 Aug 2016 05:39 PM IST
विज्ञापन
Story Of Terrorist Attacks Of 1972 Munich Olympics
ओलंपिक - फोटो : getty
रियो ओलंपिक खेल शनिवार से शुरू होने वाले हैं। खेलों के इस महाकुंभ में दुनिया भर से खिलाड़ी शिरकत करते हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान करना मेजबान देश की जिम्मेदारी बनता है। हालियां खेलों में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम हैं। अमेरिका और यूरोप में हुए हमलों के मद्देनजर ओलंपिक में सुरक्षा इंतजाम और भी पुख्ता किए गए हैं। मगर एक बार इन खेलों की सुरक्षा में तगड़ी सेंध लगी थी।
विज्ञापन


बात है 1972 की म्यूनिख ओलंपिक की, जब 8 फिलिस्तीनियों आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में दो इज्राइली खिलाड़ियों की मौत हुई थी और 9 खिलाड़ियों को कैद कर लिया गया था। सभी 9 खिलाड़ियों को बाद में मार दिया गया।
विज्ञापन


5 सितंबर 1972 को 20वें ओलंपिक खेलों में टेंशन काफी ज्यादा थी। 1936 के बर्लिन ओलंपिक के बाद, पहली बार जर्मनी को ओलंपिक का आयोजन दिया गया। इज्राइल के खिलाड़ी अपने देश के हालात के चलते और ज्यादा चिंतित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दीवार फांद कर आए आतंकी

Story Of Terrorist Attacks Of 1972 Munich Olympics
ओलंपिक - फोटो : getty
ओलंपिक का पहला दिन शांति से निकल गया। 4 सितंबर की रात को इज्राइली खिलाड़ी अपने-अपने कमरों में गए। सुबह के करीब 4 बजे फिलिस्तीन के 8 आतंकियों ने ओलंपिक खेल गांव के 6 फुट की दीवार फांद कर इज्राइली खिलाड़ियों पर हमला कर दिया।

हमलावर सीधा उस बिल्डिंग में घुसे जहां इज्राइली खिलाड़ी मौजूद थे और खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, मगर दो खिलाड़ी इस दौरान मारे गए। दो खिलाड़ी बच निकलने में कामयाब हुए और 9 खिलाड़ियों को बंदी बना लिया गया।

सुबह के 5 बजे तक पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी और खबर पूरी दुनिया में फैल गई। करीब 9 बजे हमलावरों ने अपनी मांग की एक सूची खिड़की से फेंकी, जिसमें इज्राइली जेल से 234 कैदियों और जर्मन जेल से 2 कैदियों की रिहाई की बात की गई।

आतंकियों के आगे जर्मन सरकार की एक भी न चली

Story Of Terrorist Attacks Of 1972 Munich Olympics
ओलंपिक - फोटो : getty
बातचीत के दौर नें अंतिम बदलता रहा और आतंकियों ने अपनी शर्त वापिस लेने से मना कर दिया। दूसरी तरफ इज्राइली सरकार ने भी कैदियों को रिहाई से इंकार कर दिया, जिसके बाद मुठभेड़ होनी निश्चित हो गई।

शाम 5 बजे तक आंतकी समझ गए कि उनकी डिमांड पूरी नहीं होगी, तो उन्होंने कायरो, मिस्र जाने के लिए दो प्लेन की मांग रखी। जर्मन अधिकारी मान भी गए मगर वो आतंकियों को जर्मनी से बाहर नहीं जाने दे सकते थे।

इसके बाद जर्मन पुलिस ने ऑपरेशन सनशाइन को अंजाम देने का सोचा, जिसमें बिल्डिंग को उड़ाने का प्लान था। मगर टीवी के जरिए आतंकियों को इसकी सूचना मिल गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हवाई अड्डे पर पकड़ने का प्लान बनाया, मगर टीवी के जरिए आतंकी इस प्लान को भी भांप गए।

अंत में छू गए थे आतंकी...

Story Of Terrorist Attacks Of 1972 Munich Olympics
ओलंपिक - फोटो : getty
रात 10.30 बजे खिलाड़ी और आतंकियों को हेलीकॉप्टर के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया, जहां जर्मन सिपाही स्निपर्स के साथ उनका इंतजार कर रहे थे। इस जाल का जैसे ही आतंकियों को पता चला, उन्होंने जवाबी हमला शुरू कर दिया। दो आतंकी और 1 पुलिसकर्मी मारे गए।

इसके बाद जर्मन सेना पहुंच गई तो आतंकी समझ गए कि उनका अंत नजदीक आ गया है। इसके बाद एक आतंकी ने हेलीकॉप्टर में बैठे 4 बंधकों को गोली मार दी और ग्रेनेड फेंका। इसके बाद दूसरे आतंकी ने अपनी मशीन गन से बाकी बंधको भी मार दिया।

इसके बाद तीन आतंकियों को मार दिया गया और अन्य तीन को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद इन आतंकियों की बचाने के लिए उनके दो साथियों ने एक प्लेन को हाईजैक कर उनकी रिहाई की मांग की। जर्मनी ने तीनों आतंकियों को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed