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जज्बे को सलामः दूसरी दीपा बनने को छोड़ दिया शहर
Sat, 11 Jul 2020 07:30 AM IST
संजीव कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 11 Jul 2020 07:30 AM IST
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जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंत
- फोटो : amar ujala
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खेलो इंडिया स्कूल गेम्स और जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीतने के बाद कोलकाता की जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंत के कोच सेवानिवृत्त हो गए। माता-पिता को लगा बेटी का दूसरी दीपा कर्माकर बनने का सपना कैसे पूरा होगा? बेटी की जिद थी कि उन्हें दीपा को बनाने वाले कोच बिश्वेशर नंदी से कोचिंग लेनी है।
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नंदी अगरतला में रहते हैं और प्रतिष्ठा कोलकाता में। सोलह वर्षीय बेटी को लेकर मां अगरतला आ गईं और ढाई हजार रुपये किराए का मकान लेकर रह रही हैं। प्रतिष्ठा को नंदी के संरक्षण में ट्रेनिंग करा रही हैं। प्रतिष्ठा ने खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में वालंर्टग टेबल समेत चार स्वर्ण जीते हैं।
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उनकी मां शुभ्रा सामंत के अनुसार पति कोलकाता में निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्हें खुशी है नंदी सर बेटी को कोचिंग देने को तैयार हो गए और एडमीशन भी करा दिया। प्रतिष्ठा को दीपा का भी साथ मिल गया। कोरोना के चलते अभी ऑनलाइन क्लासें चल रही हैं।
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पेरिस ओलंपिक के लिए कर रहे हैं तैयार
2018 जूनियर एशियाई चैंपियनशिप की फाइनलिस्ट प्रतिष्ठा ओलंपिक चैंपियन अमेरिका की सिमोना बाइल्स और दीपा को आदर्श मानती हैं। दीपा जैसा बनना उनका सपना है। नंदी भी मानते हैं कि प्रतिष्ठा ने कोलकाता छोड़ अगरतला आने का बड़ा फैसला लिया है। ऐसा हर मां-बाप नहीं करते हैं। प्रतिष्ठा काफी प्रतिभाशाली है और वह उसे 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए तैयार कर रहे हैं।