कौन जाएगा रियो? सुशील या नरसिंहः फैसला 30 तक टला
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दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील ने रियो ओलंपिक में भाग लेने के लिए 74 किलो वर्ग में सीट सुरक्षित करने के लिए ट्रायल की मांग करते हुए कोर्ट में केस कर रखा है।
पिछली सुनवाई में कुश्ती महासंघ ने हाईकोर्ट को बताया था कि याचिकाकर्ता सुशील 66 किलोग्राम के फ्रीस्टाइल वर्ग में हिस्सा लेता रहे हैं और अब अंतिम समय में वह 74 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेने चाहते हैं। महासंघ ने कहा कि नरसिंह यादव 74 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेते रहे हैं और उन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है जो ओलंपिक से भी अधिक कड़ी प्रतियोगिता है।
महासंघ के वकील हाईकोर्ट को बताया कि सुशील कुमार पहलवान नरसिंह यादव के साथ कुश्ती लड़ने से बच रहे हैं और उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं लिया जबकि नरसिंह ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
इस पर सुशील ने हाईकोर्ट को बताया कि चोटिल होने के कारण विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया था। सुशील कुमार की ओर से बार-बार जून में चयन के लिए ट्रायल कराए जाने की मांग पर हाईकोर्ट ने कहा कि इससे भारतीय संभावनाओं को नुकसान पहुंचेगा।
बेलारूस ने अपने यहां भारतीय पहलवानों को तैयारियां देने से किया इंकार
दूसरी ओर, भारतीय कुश्ती संघ और पहलवानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुशील कुमार और नरसिंह यादव के ट्रायल को लेकर चल रहे विवाद के बीच पहलवानों को एक और झटका लगा है। बेलारूस ने भारतीय पहलवानों को अपने यहां ओलंपिक की तैयारियां कराने से इंकार कर दिया है।
लंदन ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन का एक बड़ा कारण बेलारूस की राजधानी मिंस्क के ओलंपिक सेंटर में तैयारियां करना था, लेकिन इस बार यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाएगी। मजबूरन कुश्ती संघ ने पोलैंड के सपाला स्थित ओलंपिक स्पोट्र्स सेंटर में पहली बार तैयारियों की योजना बनाई है।
जून के प्रथम सप्ताह में रियो का टिकट हासिल करने वाले आठ पुरुष और महिला पहलवान अपने पार्टनरों के साथ सपाला रवाना होंगे, जहां वे 17 से 19 जून को पोलैंड कप टूर्नामेंट में भी शिरकत करेंगे।