फ्रांस को हरा पुर्तगाल बना यूरो चैंपियन, पहली बार जीता खिताब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूरो कप के पेरिस में खेले गए फाइनल में हुए बेहद रोमांचक मुकाबले में पु्र्तगाल ने फ्रांस को 1-0 से हराकर ट्राफी अपने नाम कर ली। ये पुर्तगाल की पहली बड़ी खिताबी जीत है और फ्रांस तीसरी बार यूरो चैंपियन बनने से चूक गया।
निर्धारित 90 मिनटों में कोई भी टीम गोल नहीं दाग सकी और मुकाबला गोल रहित रहा। मुक़ाबला पंद्रह मिनटों के लिए बढ़ाया गया लेकिन अतिरिक्त समय में भी कोई टीम गोल नहीं कर सकी।
इसके बाद मुक़ाबले को पंद्रह और मिनटों के लिए बढ़ाया गया। 108वें मिनट में पुर्तगाल के एडर ने गोल दागकर मैच में बढ़त हासिल कर ली। समय समाप्त होने तक फ्रांस इस गोल की बराबरी नहीं कर सका और मुकाबला पुर्तगाल ने जीत लिया।
रोते हुए मैदान से बाहर गए रोनाल्डो
पुर्तगाल टीम के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो जब चोटिल होकर मैदान से बाहर जा रहे थे तो उस समय वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और फूट-फूटकर रोने लगे। फ्रांस के दिमित्री पायेट से टैकल के प्रयास में रोनाल्डो अपना घुटना चोटिल करा बैठे।
इसके बाद वह मैदान पर ही रोने लगे। रोनाल्डो को चोट लगने के बाद अहसास हो गया था कि अब वह मैच में आगे नहीं खेल पाएंगे। पुर्तगाल की टीम 2004 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची थी और रोनाल्डो ने अपनी कप्तानी में देश को बड़ा खिताब दिलाने का सपना संजो रखा था।
उधर मैच के लिए पेरिस और उसके आसपास करीब पांच हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने विजय परेड आयोजित न करने दिए जाने की चेतावनी भी जारी की थ्ाी। 1998 में वर्ल्ड कप मैच के दौरान करीब दस लाख से ज्यादा लोगों ने जश्न मनाया था।
लेकिन पिछले साल एक नवंबर को फ्रांस में हुए चरमपंथी हमले कारण इस बार एहतियात बरती गई। इस हमले में 130 लोग मारे गए थे। स्टाड डे फ्रांस पेरिस पर बीते साल हुए इसी चरमपंथी हमले के दौरान निशाने पर था। पुलिस और सेना नवंबर के बाद से लगातार फ्रांस में गश्त लगा रही है।