नरसिंह को नाडा से क्लीन चिट, कहा- यह मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई थी
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सोमवार को नरसिंह को क्लीन चिट मिलते ही नाडा के बाहर खड़े उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर फैल गई। प्रशंसकों ने नाडा के गेट के बाहर जमकर डांस किया और लड्डू बांटे। वहीं, नरसिंह ने कहा कि वह बरी होने से काफी खुश हैं और ओलंपिक में पदक जीतने को लेकर सकारात्मक हैं।
हालांकि नाडा के इस फैसले पर वाडा 21 दिनों के अंदर इस फैसले के खिलाफ लुजान स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (कैस) में अपील कर सकता है। ऐसा होने पर नरसिंह एक बार फिर मुश्किलों में घिर सकते हैं। यहां तक नाडा भी फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार रखती है।
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने कहा, ‘नरसिंह की ओर से न कोई गलती हुई और न ही कोई लापरवाही हुई। हमने गौर किया है कि अतीत में 2 जून तक उनमें कोई सैंपल पॉजिटिव नहीं पाया गया था। इस पर यकीन नहीं किया जा सकता कि एक बार प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेरॉयड मिथेनडायनोन की खुराक से खिलाड़ी को फायदा होगा।
लिहाजा पैनल का मानना है कि एक बार इसका सेवन जान-बूझकर नहीं किया जा सकता।’ नरसिंह अब 5 अगस्त से शुरू हो रहे रियो गेम्स में 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में हिस्सा ले सकते हैं। पैनल का निष्कर्ष है कि नरसिंह को नाडा की एंटी-डोपिंग संहिता के अनुच्छेद 10.4 का लाभ पाने का हक है।
वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि नाडा से बरी होने के बाद नरसिंह रियो जाएंगे। नरसिंह के सैंपल 25 जून को लिए गए थे जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए थे लेकिन 5 जुलाई के सैंपल में स्टेरॉयड की बहुत कम मात्रा पाई गई थी।
पीएम के पास पहुंचा था मामला
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के कारण नरसिंह को न्याय मिल सका। उन्हें रियो भेजने के लिए यूडब्लूडब्लू से बात की जा रही है। भारत का कोटा रोकने के लिए प्रवीण राणा की 25 जुलाई को एंट्री भेजी गई थी, जिसमें साफ कर दिया गया था कि नरसिंह की सुनवाई चल रही है।
अगर वह पाक-साफ निकलते हैं तो उनकी एंट्री स्वीकार की जाए। अब यूडब्लूडब्लू से नरसिंह की एंट्री स्वीकार करने को कहा जाएगा। हालांकि इससे पहले नरसिंह को नाडा के समक्ष कुछ डोप सैंपल देने होंगे।
नरसिंह की एफआईआर पर सीआईए की जांच
इससे पहले नरसिंह यादव ने आरोप में दिल्ली के नाबालिग पहलवान पर आरोप लगाते हुए खाने में कुछ मिलाने का इल्जाम लगाया था। इसके बाद सोनीपत पुलिस ने नाबालिग पहलवान को नोटिस भेजा है। सीआईए ने नरसिंह, संदीप तुलसी और रसोइये, चंदन यादव के बयान भी रिकॉर्ड किए।
भारतीय पहलवान ने कहा, यह मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई थी
डोपिंग प्रकरण में क्लीन चिट मिलने के बाद पहलवान नरसिंह यादव ने खुशी जताते हुए कहा है कि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई थी। अब उनका सारा फोकस रियो ओलंपिक में पोडियम तक पहुंचने पर होगा। रियो ओलंपिक में नरसिंह की भागीदारी की राह खोलते राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा ने कहा है कि नरसिंह साजिश के शिकार हुए हैं और उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
नाडा के फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नरसिंह ने कहा कि यह मेरी जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाई थी। अब मैं पूरे प्रकरण को भूल चुका हूं और अब एकमात्र फोकस ओलंपिक में पदक जीतने पर है।
74 किलो भारवर्ग में भारतीय पहलवान नरसिंह ने कहा कि पिछले 15 दिन मानसिक रूप से मेरे और परिवार के लिए काफी मुश्किलों भरे रहे लेकिन मेरा हमेशा से मानना था कि मुझे न्याय मिलेगा क्योंकि मैं सही राह पर था और मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था।
मैंने कुछ सेवन नहीं किया था। यही कारण था कि मैंने अपना अभ्यास करना जारी रखा। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी गलत किया उसे सजा मिलनी चाहिए ताकि किसी और को इस तरह की मुश्किलों से न गुजरना पड़ा। उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ, मीडिया और समर्थकों का शुक्रिया जताया।
''मैं बहुत खुश हूं। सच की जीत हुई है। इससे यह भी सुनिश्चित हो गया कि आइंदा किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा नहीं होगा। अब मेरा फोकस रियो ओलंपिक में पदक जीतने पर होगा।''
-नरसिंह यादव