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Marathon: दृष्टिबाधित आसिफ के जज्बे को सलाम, नजरें विश्व रिकॉर्ड बनाने पर

Sat, 10 Dec 2022 06:17 PM IST
स्वप्निल शशांक एन. अर्जुन, कोलकाता
एन. अर्जुन, कोलकाता Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 10 Dec 2022 06:17 PM IST
सार

कोलकाता से सटे साल्ट लेक में रहने वाले आसिफ बताते हैं कि वे इस मैराथन में अपने दोस्तों की मदद से दौड़ेंगे। मेरे दोस्त मुझे आसपास के बारे में एक ऑडियो विवरण देंगे, जिसका अनुसरण करते हुए मैं अपने लक्ष्य तक पहुंच जाऊंगा।

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Marathon: Salute to the spirit of blind Asif, eyes on making world record
आसिफ इकबाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जब मैं सोलह वर्ष का था तो मेरी दृष्टि केवल 50 प्रतिशत थी। इसके बाद अगले कुछ वर्षों में मैंने अपनी पूरी दृष्टि खो दी। इतना कुछ होने के बाद भी मैंने अपने लक्ष्य को आंखों से ओझल होने नहीं दिया। मैं पिछले पांच सालों से कोलकाता में विभिन्न प्रतियोगिताओं में दौड़ रहा हूं। मैंने बिना किसी शारीरिक सहायता के टीएसके के 25 के मैराथन की दूरी पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अगर मैं ऐसा कर लेता हूं तो मैं पहला दृष्टिबाधित भारतीय-एशियाई धावक बना जाऊंगा, जिसके साथ ही एक विश्व रिकॉर्ड भी बन जाएगा। मुझे अपने पर पूरा विश्वास है, कहते हुए 'वी' का निशान बनाते हैं दृष्टिबाधित मोहम्मद आसिफ इकबाल।
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कोलकाता से सटे साल्ट लेक में रहने वाले आसिफ बताते हैं कि वे इस मैराथन में अपने दोस्तों की मदद से दौड़ेंगे। मेरे दोस्त मुझे आसपास के बारे में एक ऑडियो विवरण देंगे, जिसका अनुसरण करते हुए मैं अपने लक्ष्य तक पहुंच जाऊंगा। उनके दोस्त अपनी कमर से जुड़ा एक वायरलेस स्पीकर रखेंगे जिससे आसिफ को साथी धावकों की सही स्थिति का पता चलता रहेगा।
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कैसे पहुंचे यहां तक के जवाब में आसिफ बताते हैं कि यह सब कुछ मेरे परिवार की देन है। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे इसके लिए मेरे परिवार से हर तरह का सहयोग मिला और मैं उन्हें निराश नहीं होने दूंगा। मैंने कोलकाता में विभिन्न दौड़ में भाग लिया है और जनवरी में मुंबई मैराथन में भाग लूंगा। आसिफ ने कहा, टीएसके 25के में उनके इस प्रयास को देखने के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का एक प्रतिनिधि मौजूद रहेगा।
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अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो उसमें उम्र कोई बाधा नहीं बन सकती। 46 वसंत देख चुके आसिफ कहते हैं, मेरे लक्ष्य के सामने उम्र कम है। अगर मानो कि मेरी उम्र इतनी ज्यादा है, कैसे होगा तो आपका दिमाग भी उसी तरह से आपको प्रतिक्रिया देने लगता है। इसलिए जो करना है आप करते जाइए। उम्र तो केवल दिमाग की उपज है।


आसिफ बताते हैं उन्होंने 25 किलोमीटर की दौड़ को 3 घंटे 35 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कहते हैं, बहुत लंबे समय से अभ्यास कर रहा हूं और अब मुझे उम्मीद है कि इस बार परिणाम सकारात्मक आएगा।
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