अंटार्कटिका की पिघलती बर्फ के बीच तैर लेविस पुग ने दुनिया को चेताया
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पर्यावरण ही जीवन है ये सब जानते हैं, लेकिन दिनों दिन इसकी बिगड़ती स्थिति पर सब आंखें बंद किए हुए हैं। जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के लोगों की आंखें खोलने के लिए एक तैराक ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। उनकी हैरतअंगेज कहानी सुन आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
ब्रिटेन के तैरान लेविस पुग ने मंगलवार को अंटार्कटिका की पिघलती हुई बर्फ की चादर के नीचे भरे पानी में 33 वर्षों की मेहनत के बाद आठ मिनट तैरकर दुनिया को संदेश दिया कि अगर हम नहीं चेते तो जल्द ही सब खत्म हो जाएगा। पुग जब तैर रहे थे उस वक्त वहां पानी का तापमान जीरो डिग्री से कम था।
लेविस ने तैराकी पूरी करने के बाद ट्विटर पर लिखा कि मैं विश्वस नहीं कर पा रहा हूं कि मैंने बर्फ की चादर अंटार्कटिका के महाद्वीप के नीचे बह रही नदी में तैराकी की है। नीले रंग की हर छटा की मैं कल्पना कर सकता हूं। वो लाजवाब भी है और भयावह भी।
अंटार्कटिका पिघल रहा है। पूर्वी अंटार्कटिका बहुत बड़ा और सुंदर है, लेकिन हर जगह जहां हम देखेंगे वहां बर्फ पिघल रही है। मैं इस कठिन ग्लेशियर लेक में इसलिए तैर रहा हूं, ताकि मैं अपनी आंखों से सच देख सकूं और दुनिया को बता सकूं कि वहां पर क्या हालात हैं। अब जलवायु परिवर्तन को लेकर फैसला लेने का वक्त है।
I can hardly believe what I have just experienced, swimming in a river UNDER the Antarctic ice sheet. Every shade of blue imaginable - it was utterly magnificent, and absolutely terrifying. Antarctica is melting. #Antarctica2020 pic.twitter.com/6kiJgr5uAA
— Lewis Pugh (@LewisPugh) January 20, 2020