फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   Kiren Rijiju says Government ready for relaxation to VIP clause in National Sports Code

खेल संघों पर काबिज रहेंगे मंत्री और नौकरशाह, संशोधित स्पोर्ट्स कोड ठंडे बस्ते में गया

Sat, 12 Oct 2019 07:42 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 12 Oct 2019 07:42 AM IST
विज्ञापन
Kiren Rijiju says Government ready for relaxation to VIP clause in National Sports Code
किरण रिजिजू - फोटो : Twitter

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और राष्ट्रीय खेल संघों से मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और नौकरशाहों की फिलहाल छुट्टी नहीं होने जा रही है। इन सभी को खेल संघों से बाहर करने की सिफारिश करने वाला स्पोर्ट्स कोड ठंडे बस्ते में चला गया है। फिर नई कमेटी गठित की जाएगी और नए सिरे से स्पोर्ट्स कोड की सिफारिशें लिखी जाएंगी। तब तक 2011 का स्पोर्ट्स कोड प्रभावी रहेगा। यह सब खेल मंत्री किरेन रिजिजू की पहल पर हुआ है।

विज्ञापन


खेल मंत्री ने आईओए और खेल संघों के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में साफ किया कि उनका इनसे अदालती लड़ाई का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने 2028 के ओलंपिक में शीर्ष दस में आने के लक्ष्य के लिए मंत्रालय और खेल संघों को एक साथ आने के लिए कहा।

विज्ञापन

कोड की खिलाफत की तैयारी से गया था आईओए

आईओए और खेल संघ संशोधित स्पोर्ट्स कोड की खिलाफत के लिए पूरी तैयारी के साथ गए थे। सूत्रों का कहना है कि आमराय यहां तक बनी थी कि अगर स्पोर्ट्स कोड को लेकर मंत्रालय अड़ियल रवैया अपनाता है तो बैठक का बायकाट कर दिया जाएगा। पर खेलमंत्री ने बैठक शुरू होने से पहले ही साफ कर दिया कि मंत्रियों और नौकरशाहों को बाहर करने का उनका इरादा नहीं है।

कोड के लिए कमेटी पर कमेटी

2011 में स्पोर्ट्स कोड सामने आया था और इसमें सुधार की कोशिशें की जा रही हैं। 2015 में सीके महाजन कमेटी ने इसमें सुधार किए। 2017 में बिंद्रा की कमेटी ने इसे संशोधित कर बेहद कड़ा किया। अब फिर नई कमेटी।

विज्ञापन

चैंपियनशिप के लिए बढ़ाओ पैसा

खेल मंत्री ने खेल संघों से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन करने को कहा। इस पर कुश्ती संघ ने कहा कि सरकार से मिलने वाली मदद नाकाफी है। मेजबानी हासिल करने के लिए यूडब्लूडब्लू को करोड़ों की राशि देनी पड़ती है। मंत्रालय ने मेजबानी के लिए खेल संघों की आर्थिक मदद करने को कहा। साथ ही नेशनल चैंपियनशिप के लिए की जाने वाली मदद को बढ़ाने की मांग खेल संघों ने रखी। मंत्रालय ने इसे भी मंजूर कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed