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जसपाल राणा ने कहा: कोच और निशानेबाजों के चयन में निष्पक्षता जरूरी
Thu, 12 Aug 2021 08:18 AM IST
देव कश्यप
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 12 Aug 2021 08:18 AM IST
सार
टोक्यो ओलंपिक में निशानेबाजों के लचर प्रदर्शन के बाद 1994 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा ने कहा कि समय आ गया है कि देश में खेल के सामने आ रही समस्याओं का समाधान निकाला जाए
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जसपाल राणा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जसपाल राणा का मानना है कि अगर कोच और खिलाड़ियों के चयन में निष्पक्षता नहीं होगी, जवाबदेही तय नहीं की जाएगी और अनुशासन नहीं होगा तो भारतीय निशानेबाजी जल्द ही ऐसे बिंदू पर पहुंच जाएगी जहां से वापस लौटना संभव नहीं होगा।
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द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच राणा ने साथ ही कहा कि राष्ट्रीय महासंघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रानिंदर सिंह के अलावा ‘कोई भी नहीं’ चाहता कि वह भारतीय निशानेबाजी कोचिंग ढांचे का हिस्सा बनें। टोक्यो ओलंपिक में निशानेबाजों के लचर प्रदर्शन के बाद 1994 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ने कहा कि समय आ गया है कि देश में खेल के सामने आ रही समस्याओं का समाधान निकाला जाए।
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उन्होंने कहा,‘हमें कोच और निशानेबाजों दोनों के चयन में पूरी निष्पक्षता और जवाबदेही तय करने की जरूरत है। टीम में ऐसे लोगों की जगह नहीं होनी चाहिए जो प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं।’ हालांकि 45 साल के इस पूर्व निशानेबाज ने कहा कि टोक्यो में नतीजा देने में विफल रहे अधिकतर निशानेबाज युवा थे जो अनुभव हासिल करेंगे और अगले ओलंपिक तक परिपक्व हो जाएंगे।
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हमें उन्हें ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं, वे पहले ही अपने खेल को जानते हैं। मुझे ऐसा लगता है कि महासंघ में अध्यक्ष के अलावा कोई भी मुझे नहीं चाहता।’ निशानेबाज लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीतने में नाकाम रहे और राणा ने कहा कि एनआरएआई अध्यक्ष को इसके लिए दोषी ठहराना उचित नहीं है।