युवा शूटरों का आपस में जबरदस्त तालमेल ही सफलता का मंत्र
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साल 2019 में शूटरों के हैरतअंगेज प्रदर्शन के पीछे की कहानी बेहद रोचक है। विश्व कप के गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अभिषेक वर्मा, सौरभ चौधरी, मनु भाकर, यशस्वनी देसवाल जैसे युवा शूटरों का यह आपसी तालमेल है जो उनके प्रदर्शन को ऊंचाईयों पर ले जाने का काम कर रहा है। हरियाणा के शूटर अभिषेक वर्मा की मानें तो उनका सौरभ और यशस्वनी के साथ जबरदस्त तालमेल है। मुख्य कंपटीशन से पहले उनमें आपस में कंपटीशन होता है। इसके लिए बाकायदा शर्त लगती है और दांव पर होता है शाकाहारी खाना या जूस, क्यों कि ये शूटर शाकाहारी हैं। रियो के दौरान भी अभिषेक ने सौरभ और यशस्वनी के साथ शर्त लगाकर आपस में मैच खेले थे।
आपस में कंपटीशन का मिलता है फायदा
दो साल पहले ही एक शौकिया शूटर के तौर पर शूटिंग शुरू करने वाले अभिषेक खुलासा करते हैं कि आपस में कंपटीशन करने का अंतरराष्ट्रीय आयोजन में फायदा मिलता है। सौरभ के साथ शर्त लगती है कि देखें कौन अच्छा स्कोर करेगा। उससे दबाव भी कम होता है और ट्रेनिंग भी अच्छी होती है। अभिषेक के मुताबिक अंतिम शर्त उन्होंने रियो में अपनी मिक्स डबल्स साथी यशस्वनी के साथ लगाई थी जिसमें वह शाकाहारी खाने की शर्त जीते थे। यशस्वनी भी मानती हैं कि इस तरह से अच्छी तैयारियां होती हैं और माहौल भी अच्छा बना रहता है।
उम्र में छोटे पर शूटिंग में सीनियर हैं सौरभ
तीस के अभिषेक अपने से 13 साल छोटे सौरभ को काफी सम्मान देते हैं। वह काफी समझदार हैं। फिर दोनों का कार्यक्रम एक सा रहता है। इससे काफी फर्क पड़ता है। दोनों दोस्त की तरह रहते हैं। अभिषेक बेहिचक स्वीकार करते हैं कि वह उनसे बेहतर शूटर हैं। वह सौरभ को अपने से अच्छा मानते हैं। वह कहते हैं कि सौरभ वैसे उनसे से शूटिंग में सीनियर हैं हालांकि उम्र में काफी छोटे हैं। यह पहली बार है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभिषेक ने सौरभ को हराया। अभिषेक ने रियो में 10 मीटर पिस्टल में स्वर्ण और सौरभ ने कांस्य जीता था। अभिषेक कहते हैं कि वह उम्र में जरूर बड़े हैं, लेकिन शूटिंग के लिए अभी भी टीन एजर हैं।