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Dope Test: भारत के दो नामी एथलीट डोप टेस्ट में फेल, तीन साल का बैन, राष्ट्रीय शिविर से भी निकाले गए
Sat, 30 Apr 2022 11:49 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:49 AM IST
सार
भारत के दो अहम एथलीट डोप टेस्ट में फेल हुए हैं। दोनों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों पर तीन साल का बैन भी लगाया गया है, लेकिन फजीहत से बचने के लिए इस मामले में कोई खुलासा नहीं किया गया है।
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डोप टेस्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
डोपिंग के खिलाफ भारत की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। टोक्यो ओलंपिक में ट्रैक और फील्ड में भाग लेने वाले दो भारतीय एथलीट डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। दोनों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर से बाहर कर दिया गया है और तीन साल का बैन भी लगाया गया है। हालांकि, इस मामले में अब तक आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं आई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय एथलेटिक्स फेडेरेशन ने फजीहत से बचने के लिए ऐसा किया है। भारत के एक पुरुष और एक महिला एथलीट डोप टेस्ट में फेल हुए हैं।
डोपिंग के मामले में भारत रूस और इटली के बाद तीसरे नंबर पर है। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की 2021 में जारी रिपोर्ट के अनुसार डोपिंग के सबसे ज्यादा 167 मामले रूस में थे। इसके बाद इटली में 157 और भारत में 152 मामले पाए गए थे।
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डोपिंग के मामले में भारत रूस और इटली के बाद तीसरे नंबर पर है। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की 2021 में जारी रिपोर्ट के अनुसार डोपिंग के सबसे ज्यादा 167 मामले रूस में थे। इसके बाद इटली में 157 और भारत में 152 मामले पाए गए थे।
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महिला एथलीट से कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीद थी
भारत की जिस महिला एथलीट की डोपिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा थी और उससे इस साल कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीद थी। यह एथलीट विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचने की दावेदार थी। इस खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन के चलते देश को इससे पदक की उम्मीद थी। इसके लिए टोक्यो ओलंपिक के बाद एक विदेशी कोच भी रखा गया था।
पुरुष एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत चुका है। उसकी हालिया फॉर्म कुछ खास नहीं थी, लेकिन भविष्य में उससे पदक की की उम्मीद थी। दोनों ही एथलीट भारत की ओलंपिक पोडियम स्कीम का हिस्सा थे। इस स्कीम के तहत खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय की तरफ से अलग-अलग समय पर पैसे दिए जाते हैं।
घरेलू खिलाड़ियों में भी डोपिंग का साया
घरेलू स्तर में भी अंडर-23 में 100 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाली एक महिला खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में फेल हुई है। इस खिलाड़ी को भविष्य का सितारा माना जा रहा था। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाला एक पुरुष खिलाड़ी भी डोप टेस्ट में फेल हुआ है।
डोप टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ियों ने डोपिंग के नियमों के उल्लंघन की बात स्वीकार कर ली है और उन पर तीन साल का बैन लगाया गया है।
भारत की जिस महिला एथलीट की डोपिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वह राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा थी और उससे इस साल कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीद थी। यह एथलीट विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचने की दावेदार थी। इस खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन के चलते देश को इससे पदक की उम्मीद थी। इसके लिए टोक्यो ओलंपिक के बाद एक विदेशी कोच भी रखा गया था।
पुरुष एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत चुका है। उसकी हालिया फॉर्म कुछ खास नहीं थी, लेकिन भविष्य में उससे पदक की की उम्मीद थी। दोनों ही एथलीट भारत की ओलंपिक पोडियम स्कीम का हिस्सा थे। इस स्कीम के तहत खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय की तरफ से अलग-अलग समय पर पैसे दिए जाते हैं।
घरेलू खिलाड़ियों में भी डोपिंग का साया
घरेलू स्तर में भी अंडर-23 में 100 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाली एक महिला खिलाड़ी डोपिंग टेस्ट में फेल हुई है। इस खिलाड़ी को भविष्य का सितारा माना जा रहा था। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाला एक पुरुष खिलाड़ी भी डोप टेस्ट में फेल हुआ है।
डोप टेस्ट में फेल होने वाले खिलाड़ियों ने डोपिंग के नियमों के उल्लंघन की बात स्वीकार कर ली है और उन पर तीन साल का बैन लगाया गया है।