आज से शुरू हो रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप, दुती-तूर और जॉनसन क्या खत्म कर पाएंगे 16 साल का सूखा?
- 36 साल में सिर्फ एक कांस्य पदक जीत पाया है भारत। बीस साल पहले पेरिस में अंजू ने लांग जंप में हासिल की थी यह उपलब्धि
- 209 देशों के 1972 खिलाड़ी दस दिन तक चलने वाली चैंपियनशिप में पेश करेंगे चुनौती
- 159 सदस्यीय सबसे बड़ा दल अमेरिका का, जबकि भारत के 26 खिलाड़ी लेंगे भाग
- 97 रिकॉर्ड देशों का सिर्फ एक-एक खिलाड़ी पेश करेगा चुनौती
- 49 इवेंट होंगे, भारत के 26 खिलाड़ी लेंगे भाग, छह अक्तूबर को होगा समापन
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विस्तार
दुनिया के 208 देशों के 1946 एथलीटों के बीच भारत का 26 सदस्यीय दल भी शुक्रवार से शुरू होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चुनौती पेश करेगा। दस दिन तक चलने वाली चैंपियनशिप में 49 इवेंट होंगे। चैंपियनशिप में 36 साल के इतिहास में भारत सिर्फ एकमात्र कांस्य पदक ही जीत पाया है। अजूं बॉबी जॉर्ज ने 2003 पेरिस चैंपियनशिप में लांग जंप में यह पदक भारत की झोली में डाला था। पिछले 16 साल से भारत की झोली खाली ही है। इस बार दारोमदार फर्राटा धाविका दुती चंद, शॉटपुटर तेजिंदर पाल सिंह तूर और जिनसन जानसन (1500 मीटर) पर होगा। हालांकि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के बीच भारतीयों की राह आसान नहीं होगी। भारतीय एथलीटों से पदक की उम्मीद तो कम ही है अगर कोई फाइनल में भी पहुंच गया तो बड़ी बात होगी।
रिले टीमों से उम्मीद
भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआई) को हालांकि तीन चार गुणा 400 मीटर रिले टीमों, विशेषकर मिक्स्ड चार गुणा 400 मीटर रिले टीम से उम्मीद है। मिक्स्ड चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा को पहली बार इसमें शामिल किया गया है। लंदन में 2017 में पिछली चैंपियनशिप में सिर्फ एक भारतीय फाइनल (पुरुष जवेलिन थ्रो देविंदर सिंह कांग) में जगह बना पाए थे। तेरह खिलाड़ियों को रिले स्पर्धाओं के लिए चुना गया है। धारून अय्यासामी हालांकि व्यक्तिगत 400 मीटर बाधा दौड़ में भी चुनौती पेश करेंगे। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मोहम्मद अनस को व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में नहीं उतारा जाएगा। इससे पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले टीम के फाइनल में जगह बनाने की संभावना ज्यादा है। सभी रिले स्पर्धाओं में शीर्ष आठ में रहने वाली टीमें टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगी। भारत की निगाह इसी पर होगी।
नीरज और हिमा नहीं
भारत की पदक की सबसे बड़ी उम्मीद जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और धाविका हिमा दास चैंपियनशिप में नहीं होंगे। नीरज मई में हुए कोहनी के ऑपरेशन के बाद अभी हल्की ट्रेनिंग कर रहे हैं। हिमा ने यूरोप में लगभग चार महीने ट्रेनिंग की और इस दौरान कुछ छोटे स्तर की रेस भी जीती लेकिन शुरुआती टीम में जगह बनाने के बाद वह कमर की चोट के कारण टूर्नामेंट से हट गईं।
आज इन भारतीयों पर रहेगी निगाह
एम श्रीशंकर (लांग जंप)
धारून और एमपी जबीर (400 मीटर बाधा दौड़)
14 साल में पहली बार बोल्ट नहीं
पिछले 14 साल में यह पहला मौका होगा जब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धावक जमैका के उसेन बोल्ट ट्रैक पर नहीं दिखेंगे। लंदन में 2107 में हुई पिछली चैंपियनशिप के बाद उन्होंने संन्यास ले लिया था। हालांकि वह अपनी आखिरी रेस में 100 मीटर में कांस्य पदक ही जीत पाए थे। सौ मीटर रेस के विश्व रिकॉर्ड धारक बोल्ट ने विश्व चैंपियनशिप में 11 स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित कुल 14 पदक जीते हैं।
जो होगा पहली बार
- चैंपियनशिप एसी स्टेडियम और इवेंट गुलाबी ट्रैक पर होंगे
- मैराथन रात में और खिलाड़ी प्रयोजक लगी किट पहनकर दौड़ेंगे
- 4 गुणा 400 मीटर रिले इवेंट, अगस्त में न होकर सितंबर-अक्तूबर में
स्टार जो रहेंगे आकर्षण का केंद्र
सौ मीटर दौड़ में मौजूदा विश्व चैंपियन अमेरिका के जस्टिन गैटलिन और छह बार की ओलंपिक चैंपियन एलिसन फैलिक्स जबकि जमैका की शैली एन फ्रेजर और एलिन थॉम्पसन स्टार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होंगे जिन पर सभी की निगाह रहेगी।