लंदन में IAFF विश्व चैंपियनशिप के दौरान आखिरी बार ट्रैक पर उतरेंगे बोल्ट
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धरती के सबसे तेज धावक जमैका के उसेन बोल्ट जब इस सप्ताह लंदन में आईएएएफ विश्व चैंपियनशिप में उतरेंगे तो उनकी नजरें रिकॉर्ड पीले तमगों के साथ ट्रैक को अलविदा कहने पर होंगी। बीजिंग ओलंपिक 2008 में दोहरे व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने के बाद से बोल्ट का 100 और 200 मीटर दौड़ में दबदबा रहा है। उनके नाम छह ओलंपिक स्वर्ण और 11 विश्व खिताब दर्ज हैं। बर्लिन में 2009 विश्व चैंपियनशिप में 9.58 सेकेंड में 100 मीटर और 19.19 सेकेंड में 200 मीटर का खिताब जीतकर बोल्ट ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 2011, 2013 और 2015 में 100 मी. (2011 में नहीं), 200 मी. और चार गुणा 100 मीटर रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2011 में दक्षिण कोरिया में हुई विश्व चैंपियनशिप में वह 100 मीटर स्पर्धा में गलत शुरुआत के कारण स्वर्ण जीतने से चूक गए थे।
30 साल के बोल्ट ने 2012 लंदन ओलंपिक और 2016 रियो ओलंपिक में भी तीनों स्पर्धाओं के गोल्ड अपने नाम किए। बोल्ट के इस ऐतिहासिक मुकाबले के लिए दर्शक भी काफी उत्सुक हैं और अब तक लगभग सात लाख टिकट इस टूर्नामेंट के बिक चुके हैं जो 2009 में बर्लिन में हुई चैंपियनशिप से कहीं ज्यादा है।
बोल्ट ने हाल ही में मोनाको में कहा, ‘मेरा मुख्य लक्ष्य लंदन में जीतना है। मैं जीत के साथ विदा लेना चाहता हूं।’ उन्होंने मोनाको में 100 मीटर रेस 9.95 सेकेंड का समय लेते हुए जीती थी। वर्ष 2008 का उनका रिले गोल्ड टीम साथ नेस्टा कार्टर के ड्रग टेस्ट में फेल होने के बाद छिन गया था। बोल्ट को उनके शानदार कैरियर के लिए 2008, 2009, 2011, 2012, 2013 और 2016 में वर्ल्ड एथेलीट ऑफ द ईयर चुना गया।
बोल्ट के नाम 100 मीटर के लिए सबसे तेज समय 9.58 सेकेंड का रिकॉर्ड है जबकि 200 मीटर के लिए उन्होंने 19.19 सेकेंड का समय लिया। ओलंपिक में उन्होंने छह गोल्ड जीते जबकि विश्व चैंपियनशिप में 11 गोल्ड और दो रजत पदक अपने नाम किए। राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने एक गोल्ड जीता। बोल्ट ने अपने कैरियर में 100 मीटर की रेस में छह गोल्ड, 200 मीटर रेस में 10 गोल्ड और एक रजत वहीं 4 गुणा 100 रिले में सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते।