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Sanjita Chanu Ban: कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन वेटलिफ्टर संजीता चानू पर चार साल का प्रतिबंध, वजह जान चौंक जाएंगे
Tue, 04 Apr 2023 02:36 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 04 Apr 2023 02:36 PM IST
सार
संजीता ने 2014 में ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 53 किग्रा भार वर्ग में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। मणिपुर की संजीता के पास अभी फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प है, लेकिन यह तय नहीं है कि वह ऐसा करेंगी या नहीं।
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संजीता चानू
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स में दो बार की चैंपियन वेटलिफ्टर संजीता चानू पर चार साल का बैन लगा है। संजीता पर पिछले साल डोप परीक्षण में असफल रहने के कारण राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा/NADA) ने चार साल का प्रतिबंध लगाया है। संजीता पिछले साल सितंबर-अक्तूबर में गुजरात में नेशनल गेम्स के दौरान परीक्षण में एनाबॉलिक स्टेरॉयड - ड्रोस्तानोलोन मेटाबोलाइट के लिए पॉजिटिव पाई गई थीं, जो विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित सूची में शामिल है।
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भारतीय रेसलिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) के अध्यक्ष सहदेव यादव ने पुष्टि की कि संजीता को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने कहा- हां, संजीता पर नाडा ने चार साल का प्रतिबंध लगाया है। यह संजीता के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने नेशनल गेम्स में रजत पदक जीता था, जिसे छीन लिया गया है। हालांकि, इस मामले पर उन्होंने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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संजीता ने 2014 में ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 53 किग्रा भार वर्ग में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। मणिपुर की संजीता के पास अभी फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प है, लेकिन यह तय नहीं है कि वह ऐसा करेंगी या नहीं।
संजीता ने जनवरी में एक बयान में कहा था- मुझे पहले भी इसका अनुभव है तो फिर मैं फिर से क्यों डोप लूंगी। मैं नहीं जानती कि मैं अपील करूंगी या नहीं क्योंकि दोनों मामलों में मेरी हार होगी। अगर मैं अपील करती हूं तो मेरा नाम पाक साफ होने में समय लगेगा और मेरे पास ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई करने का मौका नहीं रहेगा। अगर मैं हार जाती हूं तो मुझे निलंबित कर दिया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है, जब 2011 की एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता संजीता को डोपिंग से जुड़े विवाद का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले नवंबर 2017 में अमेरिका में विश्व चैंपियनशिप से पहले एनाबॉलिक स्टेरॉयड टेस्टोस्टेरोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने पर इंटरनेशनल रेसलिंग फेडरेशन ने 2018 में उन्हें प्रतिबंधित किया था। विश्व संस्था ने हालांकि 2020 में उन्हें आरोप मुक्त कर दिया था।
संजीता ने कहा था- मैं पहले भी इस तरह की स्थिति से गुजर चुकी हूं, लेकिन मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है कि यह कैसे हुआ। इस घटना से पहले तक मैं अपने खाने और हर काम को लेकर काफी सतर्क थी। मैंने अपनी डाइट को लेकर भी सतर्कता बरती थी और मैंने पूछा था क्या वह डोप मुक्त हैं, लेकिन मैं डोप में फंस गई।