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टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों में जुटी दुती चंद, भुवनेश्वर में लड़कों के साथ लगा रही हैं दौड़

Wed, 25 Dec 2019 10:45 AM IST
Rajeev Rai हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Wed, 25 Dec 2019 10:45 AM IST
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Dutee chand started preparation for Tokyo olympics competing with mens in race
दुती चंद - फोटो : pti

अपने बेबाक फैसलों से भारतीय समाज में अपनी अलग छवि बनाने वाली दुती चंद ने ओलंपिक के लिए परिपाटी से हटकर एक और कदम उठाया है। टोक्यो ओलंपिक के टिकट के लिए यह एथलीट भुवनेश्वर में लड़कों के साथ लोहा ले रही है। नेशनल कैंप से हटकर दुती भुवनेश्वर में 100 मीटर में 10.8 से 10.9 सेकेंड का समय निकालने वाले दो लड़कों के साथ दौड़ लगा रही हैं।

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दुती ने 'अमर उजाला' से खुलासा किया कि वह अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए लड़कों के साथ 400 मीटर से एक किलोमीटर की दौड़ भी लगा रही हैं। दुती के मुताबिक टोकियो ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए 11.15 सेकेंड का समय छूने के लिए उन्होंने पहली बार लड़कों के साथ ट्रेनिंग का रास्ता चुना है। कैंप में लड़कियों के साथ दौड़ लगाकर उन्हें यह समय छूने में मदद नहीं मिलती, लेकिन उन्हें लगता है कि लड़कों के साथ टक्कर लेकर वह अगले वर्ष ओलंपिक का टिकट जरूर हासिल कर लेंगी।

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विशेषज्ञों की टीम है दुती के साथ

दुती के मुताबिक उन्होंने ओलंपिक केलिए यह तैयारी राज्य सरकार की मदद से नवंबर माह में शुरू की है। हालांकि टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) ओलंपिक के लिए  खिलाडिय़ों की मदद केलिए है, लेकिन उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया तो राज्य सरकार उनकी मदद के लिए आगे आ गई। यही वजह है कि वह भुवनेश्वर में विशेषज्ञों की 10 सदस्यीय टीम के साथ तैयारियां कर रही हैं। राज्य में उनके स्तर की अन्य कोई एथलीट नहीं हैं जिसके चलते उनके प्रस्ताव पर सरकार ने उन्हें ट्रेनिंग के लिए लड़के उपलब्ध कराए हैं। 

लड़कों के साथ ट्रेनिंग के अलावा नहीं था चारा

दुती के मुताबिक उनके पास लड़कों के साथ दौड़ लगाने के अलावा कोई चारा नहीं था। अक्तूबर में उन्होंने 11.22 सेकेंड का समय निकाल राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाया, लेकिन यह ओलंपिक क्वालिफिकेशन 11.15 सेकेंड से कम है। अपने समय में .07 सेकेंड का सुधार करने के लिए अपने से बेहतर समय निकालने वालों के साथ दौडना जरूरी था। कैंप में ऐसा नहीं हो सकता था। यही वजह है उन्होंने फेडरेशन से विशेष अनुमति लेकर भुवनेश्वर को ट्रेनिंग के लिए चुना। वह लड़कों के साथ 100 और 200 मीटर की स्प्रिंट लगाती हैं। इसके अलावा 400 मीटर और एक किलोमीटर की रेस भी लगाती हैं।

अगले दो माह तक वह इसी तरह लड़कों के साथ तैयारी जारी रखेंगी। उसके बाद वह ओलंपिक टिकट केलिए कंपटीशनों में उतरेंगी। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह रियो ओलंपिक केलिए अंतिम क्षणों में उन्होंने क्वालिफाई किया था, इस बार भी वह इन विशेष तैयारियों से ओलंपिक टिकट हासिल करने में सफल रहेंगी। 

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महिला पहलवान पुरुषों से करती रही हैं दो-दो हाथ

चाहें गीता फोगाट हों या फिर टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों में जुटीं विनेश फोगाट या ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, इन सभी ने पदक के लिए पुरुषों से दो-दो हाथ किए। जिससे इन्हें अपना प्रदर्शन सुधारने में मदद मिली।

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