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बजरंग ने दिलाया एशियाई कुश्ती में पहला गोल्ड, खत्म किया स्वर्ण पदक का सूखा
amarujala.com - Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 13 May 2017 11:37 PM IST
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बजरंग
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बजरंग पूनिया ने एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में फाइनल मुकाबला जीतकर देश का स्वर्ण पदक का सूखा खत्म कर दिया है। उन्होंने 65 किलो के फाइनल में कोरियाई पहलवान सियूंग चुल ली को पिछड़ने के बाद 6.2 से परास्त कर अपने भी स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म किया।
इससे पहले 58 किलो भार में सरिता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अन्य कोई पहलवान शनिवार को पदक जीतने में सफल नहीं हो सका। बजरंग के कोच पहलवान योगेश्वर दत्त सुबह से ही बजरंग के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने सुबह से ही उन्हें एक ही सलाह अपना स्वभाविक खेल खेलने की दी। यानि कि रक्षण नहीं करना है सिर्फ आक्र्मण पर रहना है। बजरंग ने यही किया। उन्होंने ईरानी पहलवान को अबुल फजल नासिरी को 7.5 से हराकर सभी को हैरान कर दिया।
फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरियाई पहलवान को कुकग्वांग किम को परास्त किया। फाइनल में पहले दौर में वह 0.2 से पिछड़ रहे थे लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 3.2 की बढ़त बनाई। अंत में उन्हें 6.2 से जीत मिली।
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सरिता को करना पड़ा सिल्वर से संतोष
इससे पहले सरिता को 58 किलो के फाइनल में किर्गिस्तान की आइसुलू टिनिबिकोवा ने 0.6 से परास्त किया। यह वही टिनिबिकोवा हैं, जिन्हें साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में हराकर कांस्य जीता। टिनिबिकोवा ने इस चैंपियनशिप में लगातार दूसरा गोल्ड जीता। लेकिन भारतीय महिलाएं चार रजत और दो कांस्य पदक जीतकर महिला वर्ग में दूसरे स्थान पर रहीं। यह उपलब्धि उन्होंने पहली बार हासिल की।
संदीप तोमर को लगी गंभीर चोट
पिछली बार एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले पहलवान संदीप तोमर के घुटने में गंभीर चोट लगी है। 57 किलो भार के पहले ही मुकाबले में कोरियाई पहलवान के खिलाफ उनका घुटना मुड़ गया। यह वही स्थिति थी जिस तरह रियो में विनेश का घुटना मुड़ा था। संदीप को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। एमआरआई में उनकी चोट की गंभीरता का पता लगेगा।
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इससे पहले 58 किलो भार में सरिता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अन्य कोई पहलवान शनिवार को पदक जीतने में सफल नहीं हो सका। बजरंग के कोच पहलवान योगेश्वर दत्त सुबह से ही बजरंग के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने सुबह से ही उन्हें एक ही सलाह अपना स्वभाविक खेल खेलने की दी। यानि कि रक्षण नहीं करना है सिर्फ आक्र्मण पर रहना है। बजरंग ने यही किया। उन्होंने ईरानी पहलवान को अबुल फजल नासिरी को 7.5 से हराकर सभी को हैरान कर दिया।
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फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरियाई पहलवान को कुकग्वांग किम को परास्त किया। फाइनल में पहले दौर में वह 0.2 से पिछड़ रहे थे लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 3.2 की बढ़त बनाई। अंत में उन्हें 6.2 से जीत मिली।
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सरिता को करना पड़ा सिल्वर से संतोष
इससे पहले सरिता को 58 किलो के फाइनल में किर्गिस्तान की आइसुलू टिनिबिकोवा ने 0.6 से परास्त किया। यह वही टिनिबिकोवा हैं, जिन्हें साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में हराकर कांस्य जीता। टिनिबिकोवा ने इस चैंपियनशिप में लगातार दूसरा गोल्ड जीता। लेकिन भारतीय महिलाएं चार रजत और दो कांस्य पदक जीतकर महिला वर्ग में दूसरे स्थान पर रहीं। यह उपलब्धि उन्होंने पहली बार हासिल की।
संदीप तोमर को लगी गंभीर चोट
पिछली बार एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले पहलवान संदीप तोमर के घुटने में गंभीर चोट लगी है। 57 किलो भार के पहले ही मुकाबले में कोरियाई पहलवान के खिलाफ उनका घुटना मुड़ गया। यह वही स्थिति थी जिस तरह रियो में विनेश का घुटना मुड़ा था। संदीप को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। एमआरआई में उनकी चोट की गंभीरता का पता लगेगा।